महालक्ष्मी मंदिर करुणा धाम आश्रम में सामूहिक करवाचौथ व्रत महोत्सव
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राजधानी भोपाल में शुक्रवार को करवा चौथ का पर्व पूरे श्रद्धा, उल्लास और पारंपरिक अंदाज़ में मनाया गया। महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए दिनभर व्रत रखा। इसके बाद शाम को चांद दिखने पर करवा चौथ पूजा की। पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोला। महिलाओं ने सजधज कर इस त्योहार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। इस खास मौके पर अरेरा कॉलोनी में मोना पंजाबी समाज की महिलाओं ने सामूहिक रूप से करवा चौथ की पूजा अर्चना की और अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा। खास बात यह रही कि कई महिलाओं ने इस वर्ष पहली बार व्रत रखा, और इस पावन अवसर को खास बनाने के लिए सामूहिक आयोजन किया गया। सरगी से लेकर शाम की कहानियों और चांद की पूजा तक, हर रस्म को पारंपरिक रीति-रिवाज़ों के अनुसार निभाया गया।
सामूहिक करवाचौथ व्रत महोत्सव
महालक्ष्मी मंदिर करुणा धाम आश्रम में सहज समाधान शिक्षा एवं समाज समिति द्वारा सामूहिक करवाचौथ व्रत महोत्सव का आयोजन किया गया। विगत वर्षों के सफल आयोजन के बाद इस वर्ष भी सामूहिक करवा चौथ व्रत महोत्सव का आयोजन करूणाधाम आश्रम के गुरूजी संत शिरोमणि सुदेश शांडिल्य महाराज के सानिध्य में किया।
सदा सुहागन 3.0 का में हुआ डीजे पर डांस
सदा सुहागन 3.0 द्वारा वन विहार के पास स्थित होटल अनंता में करवा चौथ सेलिब्रेशन का आयोजन किया गया। यहां रचना शेवानी, डॉली मोटवानी और गुंजन अरोरा ने करवा चौथ पार्टी और पूजा आयोजित की। साथ ही यहां लेडीज के लिए रैंप वॉक का आयोजन भी किया गया। साथ ही डीजे पर डांस मस्ती की।
सांस्कृतिक रस्में भी देखने को मिलीं
कार्यक्रम में महिलाओं ने करवा माता की पूजा, चांद को अर्घ्य देने साथ ही करवा चौथ की कथा का श्रवण किया। इस दौरान पारंपरिक गीत-संगीत, व्रत की विधियां और सांस्कृतिक रस्में भी देखने को मिलीं। माहौल में आस्था और प्रेम का अनूठा संगम देखने को मिला।
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अनुभवों को किया साझा
समाज की वरिष्ठ महिलाओं ने व्रत से जुड़ी परंपराओं और अनुभवों को साझा किया, वहीं युवतियों ने इसे आधुनिकता और परंपरा का सुंदर संगम बताते हुए बड़े उत्साह से भाग लिया। चांद निकलने के बाद महिलाओं ने छलनी से अपने पति को देखकर व्रत खोला।
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पर्व नारी शक्ति, समर्पण और प्रेम का प्रतीक
करवाचौथ का यह आयोजन ना सिर्फ धार्मिक था, बल्कि सामाजिक मेलजोल और सांस्कृतिक जुड़ाव का भी प्रतीक बना। कार्यक्रम में हर चेहरा मुस्कान और प्यार से भरा हुआ नजर आया, और हर महिला के लिए यह दिन स्मृति बनकर बस गया। करवा चौथ का पर्व नारी शक्ति, समर्पण और प्रेम का प्रतीक है। भोपाल जैसे शहर में जब आधुनिकता के बीच परंपराएं इस तरह जीवंत रहती हैं, तो यह सांस्कृतिक समरसता का अद्भुत उदाहरण बन जाता है।