कम दबाव के क्षेत्र के गुजरात की तरफ चले जाने से प्रदेश में फिलहाल तेज बारिश से राहत मिल गई है। बुधवार को कुछ जिलों में पानी गिरा। राजधानी भोपाल समेत ज्यादातर जिलों में मौसम साफ रहा दिन भर धूप खिली रही। इधर उमरिया में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई। धार, खंडवा, खरगोन और उज्जैन में हल्की बारिश हुई है। रीवा प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां दिन का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री रहा। मौसम विभाग का कहना है कि 31 अगस्त से मौसम का स्ट्रांग सिस्टम एक बार फिर एक्टिव होगा इससे सितंबर माह के शुरू में अच्छी बारिश की उम्मीद है।
मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट
मध्य प्रदेश मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार भिंड, डिंडोरी में बिजली के साथ मध्यम गरज के साथ बारिश होने की संभावना है, साथ ही मुरैना, अनुपपुर अमरकंटक, ग्वालियर, बालाघाट, गुना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, रीवा, राजगढ़ में बिजली चमकने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। मऊगंज, सतना, मैहर, सीधी, सिंगरौली, कटनी, जबलपुर भेड़ाघाट, मंडला, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार मांडू, रतलाम, उज्जैन, इंदौर, खंडवा ओंकारेश्वर, खरगोन, शहडोल, उमरिया, नरसिंहपुर, बैतूल छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी में बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान
शहर तापमान
भोपाल 31.6 डिग्री
इंदौर 28.2 डिग्री
ग्वालियर 32.9 डिग्री
उज्जैन 29.8 डिग्री
जबलपुर 31.2 डिग्री
नरसिंहपुर 35 डिग्री
रीवा 35.4 डिग्री
उमरिया 34.1 डिग्री
नया सिस्टम 28 जिलों में कराएगा भारी बारिश
मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि प्रेशर एरिया सिस्टम आगे बढ़ गया है। मानसून ट्रफ सागर से होते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर पहुंच रहा है। इससे दो दिन भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। 29 अगस्त तक प्रदेश में कहीं भी तेज बारिश की संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि 30 और 31 अगस्त से एक बार फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम बन रहा है। ये प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 28 जिलों में भारी बारिश कराएगा। पश्चिमी हिस्से- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, नर्मदापुरम, चंबल और उज्जैन संभाग में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
मौसम प्रणाली
मानसून द्रोणिका गुजरात पर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र से उत्तरी गुजरात, सागर से उत्तर-पश्चिमी झारखंड पर बने कम दबाव के क्षेत्र से होकर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। दक्षिणी गुजरात से लेकर केरल तक एक अपतटीय द्रोणिका मौजूद है। एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू-कश्मीर पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है।