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गफलतों की अफसरशाही: 24 को लेटर जारी कर बता रहे 23 तारीख आखिर है, एक दिन पहले बढ़ चुकी अंतिम तिथि, जानें मामला

Wed, 25 Sep 2024 03:52 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मप्र राज्य हज कमेटी ने 24 सितंबर की शाम को एक पत्र जारी किया है। कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त कमेटी के अध्यक्ष रफत वारसी के नाम से कमेटी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. फरजाना गजाल ने इस चिट्ठी को हस्ताक्षरित किया है। 
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हज हाउस, भोपाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक कदम वहां, दूसरा यहां...! यहां बिखरा फाइलों का अंबार, वहां ढेर लगती नस्तियां...! न इस काम को मुकाम मिल पा रहा, न उस काम को गति हासिल हो पा रही है। इसी भागमभाग का नतीजा यह है कि मप्र राज्य हज कमेटी की कार्यपालन अधिकारी 24 सितंबर को अधिकृत पत्र जारी कर अखबारों को सूचित करने के लिए जनसंपर्क आयुक्त को लिखा गया है। 

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मप्र राज्य हज कमेटी ने 24 सितंबर की शाम को एक पत्र जारी किया है। कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त कमेटी के अध्यक्ष रफत वारसी के नाम से कमेटी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. फरजाना गजाल ने इस चिट्ठी को हस्ताक्षरित किया है। पत्र के माध्यम से आयुक्त जनसंपर्क से निवेदन किया गया है कि हज 2025 के लिए प्राप्त आवेदनों की सूचना अखबारों के माध्यमों से लोगों तक पहुंचाया जाए। 24 सितंबर की स्थिति में कुल आवेदनों की संख्या 9,790 बताई गई है। साथ ही आवेदन की अंतिम तारीख 23 सितंबर वर्णित की गई है, जो एक दिन पहले ही गुजर चुकी है। 

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बेखबर कमेटी सीईओ 
हज कमेटी सीईओ डॉ फरजाना गजाल इस बात से भी बेखबर दिखाई दे रही हैं कि हज कमेटी ऑफ इंडिया ने एक दिन पहले ही हज आवेदन की आखिरी तारीख में इजाफा कर दिया है। अब यह तारीख 30 सितंबर कर दी गई है। जबकि हज कमेटी सीईओ डॉ फरजाना अखबारों को अंतिम तारीख 23 तारीख ही सूचित करवा रही हैं।

अयोग्यता के पद
मप्र राज्य हज कमेटी सीईओ डॉ फरजाना गजाल मूलतः शिक्षा विभाग से ताल्लुक रखती हैं। वे हज कमेटी में अतिरिक्त प्रभार सम्हाल रही हैं, जबकि उनकी मूल पदस्थापना मप्र वक्फ बोर्ड में है। वक्फ बोर्ड सीईओ का पद राजस्व से जुड़े डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी के लिए है। लेकिन यहां लंबे समय से अयोग्य अधिकारियों को ही पदस्थ किया जा रहा है। पशुपालन, तिलहन संघ, मछली पालन से लेकर शैक्षिक संस्थानों से जुड़े लोगों की सीईओ के रूप में नियुक्ति की जा चुकी है। इसकी वजह यहां पदस्थ रहने वाले अधिकारियों के साथ बने विकट हालात, विभागीय कार्यवाहियों, लोकायुक्त से लेकर अदालती मामले के चलते योग्य अधिकारियों की वक्फ बोर्ड से बेरुखी बताई जाती है।
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काम के बोझ तले दबी सीईओ 
मप्र वक्फ बोर्ड इन दिनों केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे संशोधन बिल के कामों को लेकर व्यस्त है। इधर हज कमेटी से आगामी हजयात्रा के आवेदनों की प्रक्रिया में उलझी हुई है। ऐसे में दोनों विभागों की एक सीईओ डॉ फरजाना गजाल अपने किसी काम से न्याय नहीं कर पा रही हैं।

इनका कहना है 
तकनीकी त्रुटि के चलते तारीख गलत चली गई है। बाकी दोनों विभागों का काम सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है।
डॉ. फरजाना गजाल, सीईओ, मप्र राज्य हज कमेटी/मप्र वक्फ बोर्ड

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