राजधानी में आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम द्वारा की जा रही दुकानें और संस्थान सील करने की कार्रवाई को लेकर सरकार ने भी चिंता जताई है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि व्यापारियों को राहत देने के लिए कानूनी रास्ता तलाशा जा रहा है। इस संबंध में दिल्ली में उच्चतम श्रेणी के वकीलों के साथ फिर चर्चा की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसा कोई मध्यम मार्ग निकलेगा, जिससे व्यापारियों को सुविधा मिल सके और नियमों का भी पालन हो। भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नगर निगम की कार्रवाई के बीच मामले की कानूनी पेचीदगियों पर सरकार स्तर पर भी विचार-विमर्श चल रहा है। इसी सिलसिले में अपर मुख्य सचिव और भोपाल नगर निगम कमिश्नर दिल्ली पहुंचे हैं। अधिकारियों की ओर से विशेषज्ञ वकीलों से पूरे मामले के कानूनी पहलुओं पर राय ली जा रही है। उन्होंने कहा कि भोपाल के मास्टर प्लान को जल्द जारी करेंगे।
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15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
भोपाल में दुकानें सील करने की कार्रवाई को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। इसकी अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है। इससे पहले सरकार कानूनी विकल्पों पर स्थिति स्पष्ट करने और व्यापारियों को राहत देने की संभावनाओं पर मंथन कर रही है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार चाहती है कि इस मामले में ऐसा रास्ता निकले, जिससे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी न हो। इसके लिए दिल्ली में वकीलों के साथ दोबारा बैठक कर चर्चा की जाएगी।
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21 साल पुराने मास्टर प्लान की जगह नए की तैयारी
दुकानें सील करने के विवाद की एक बड़ी वजह भोपाल का मौजूदा मास्टर प्लान भी माना जा रहा है। वर्तमान में शहर का मास्टर प्लान-2005 लागू है। करीब 21 साल पुराने इस मास्टर प्लान में शहर के विस्तार और बदलती जरूरतों के अनुरूप कई नए बदलावों की जरूरत महसूस की जा रही है। बता दें, सरकार नया मास्टर प्लान तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके लागू होने के बाद शहर के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। नई योजना में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के साथ शहर के भविष्य के विस्तार को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
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पहले भी बन चुकी हैं मास्टर प्लान की योजनाएं
भोपाल के लिए नया मास्टर प्लान तैयार करने की कवायद पहले भी कई बार शुरू हुई, लेकिन अलग-अलग कारणों से यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब सरकार फिर नए सिरे से मास्टर प्लान तैयार करने पर काम कर रही है। अधिकारियों और विशेषज्ञों के स्तर पर इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। नए मास्टर प्लान में शहर की मौजूदा जरूरतों, यातायात, आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक गतिविधियों और भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखकर विकास की रूपरेखा तैयार किए जाने की संभावना है।