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भोपाल में ड्रग्स कांड: हर स्तर पर बरती गई लापरवाही, फेल रहा इंटेलिजेंस, हरीश आंजना मंदसौर पुलिस की रिमांड पर

Mon, 07 Oct 2024 10:01 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

गुजरात एटीएस की टीम करीब एक महीने तक भोपाल में रहकर तस्कर सान्याल बाने और अवैध मादक पदार्थ बनाने वाली फैक्टरी की रेकी करती रही, लेकिन मध्य प्रदेश और भोपाल पुलिस को साथ नहीं लिया, यानी इन पर भरोसा नहीं किया। 
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भोपाल में पकड़े गए मादक पदार्थ के मामले में मंदसौर के चर्चित हरीश आंजना को पुलिस ने गिरफ्तार किया है - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र में छह माह से अधिक समय से एक फर्नीचर फैक्टरी को किराये पर लेकर मेफोड्रोन (एमडी) ड्रग्स बनाने का कार्य किया जा रहा था, लेकिन मध्यप्रदेश पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। सबसे बड़ी बात यह सामने आ रही है कि मध्य प्रदेश पुलिस का पूरा इंटेलिजेंस सिस्टम फेल साबित हुआ। गुजरात एटीएस की टीम करीब एक महीने तक भोपाल में रहकर तस्कर सान्याल बाने और अवैध मादक पदार्थ बनाने वाली फैक्टरी की रेकी करती रही, लेकिन मध्य प्रदेश और भोपाल पुलिस को साथ नहीं लिया, यानी इन पर भरोसा नहीं किया। जब कार्रवाई हुई, तब सुरक्षा के लिए भोपाल पुलिस से सहयोग मांगा। 
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भोपाल पुलिस अब लीपापोती करते हुए कटारा हिल्स थाने में फैक्टरी के मालिक एसके सिंह और जगदीप सिंह के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच कर रही है। इस मामले में मंदसौर से गिरफ्तार तीसरे आरोपी हरीश आंजना उर्फ हरी सिंह को सोमवार को मंदसौर पुलिस ने जिला अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। गुजरात एटीएस के अधिकारी भी हरीश आंजना से पूछताछ कर रहे हैं। भोपाल पुलिस ने फैक्टरी के दूसरे मालिक एसके सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पहला आरोपी जगदीप सिंह की तलाश है। 

भोपाल को सेफ जोन माना 
गुजरात एटीएस की पूछताछ में सान्याल बाने ने बताया कि एमडी ड्रग्स तस्करी के आरोप में जब वह मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद था, तभी वह माफियाओं के संपर्क में आया और पूरे देश में फैले ड्रग्स तस्करों के गिरोह से परिचित हुआ। जेल से निकलने के बाद उसने मंदसौर निवासी रोहित आंजना के जरिए ड्रग्स स्लाई की चेन बनाई। भोपाल निवासी अमित चतुर्वेदी वर्षों से केमिकल बनाने का कार्य करता था, जिसके लिए वह उज्जैन व मंदसौर से कच्चा माल मंगाता था, जिसकी वजह से सान्याल बाने के गुर्गे रोहित आंजना के संपर्क में था। चूंकि अमित चतुर्वेदी कोरोना काल के बाद कोई खास काम नहीं कर रहा था, इसलिए वह भी नए बिजनेस में हाथ आजमाना चाह रहा था। 
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तुषार गोयल का करीबी है सान्याल
सान्याल बाने का परिचित तुषार गोयल दिल्ली में कोकीन बनाने की फैक्टरी अपने गुर्गों से संचालित करा रहा था। यहीं से आइडिया लेकर सान्याल ने रोहित आंजना के जरिए अमित को अच्छी खासी कमाई का झांसा देकर केमिकल की आड़ में ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री संचालित करने के लिए तैयार किया। सान्याल देशभर के बड़े तस्करों से संपर्क में था, जिनसे इनपुट मिला था कि भोपाल और मध्य प्रदेश सेफ जोन है, इसलिए सान्याल ने भोपाल में फैक्टरी स्थापित करने की योजना बनाई।

क्या है पूरा मामला?
गुजरात एटीएस और नाकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने भोपाल के बगरोदा औद्योगिक में स्थित बंद पड़ी फर्नीचर फैक्ट्री में छापा मारकर अवैध रूप से एमडी ड्रग्स बनाने का भांडाफोड़ किया है। गुजरात एटीएस ने शनिवार शाम को फैक्टरी में छापा मारा और रात भर कार्रवाई करते हुए 907 किलोग्राम एमडी ड्रग्स और ड्रग्स बनाने का करीब 5 हजार किलोग्राम कच्चा माल जब्त किया है। इसकी कीमत 1800 करोड़ से ज्यादा है। एटीएस ने फैक्टरी के संचालक भोपाल के अमित चतुर्वेदी और नासिक निवासी सान्याल बाने को गिरफ्तार किया। इसके बाद गुजरात एटीएस के इनपुट पर मंदसौर पुलिस ने रोहित आंजना को 50 लाख की एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया। 

दो आरोपियों को अहमदाबाद ले गई गुजरात एटीएस
गुजरात एटीएस की टीम आरोपी अमित चतुर्वेदी और सान्याल बाने को भोपाल कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए आठ दिन की रिमांड पर लेकर सोमवार शाम को ही अहमदाबाद रवाना हो गई।
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