मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस खतरनाक वायरस के प्रसार को खत्म करने के लिए भोपाल जिला प्रशासन ने एहतियातन 20 घरों को कंटेंमेंट जोन घोषित कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार संबंधित क्षेत्रों के निवासियों को होम क्वारंटीन में रहना अनिवार्य होगा।
जानकारी के मुताबिक, हर घर में दो से पांच लोग संक्रमित हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि सात दिन बाद निगेटिव रिपोर्ट आने पर ही इनको बाहर आने की इजाजत होगी। इतना ही नहीं इनके आस-पास के घरों को भी सेनिटाइज किए जाने की योजना है। आगे से जिस घर में दो से ज्यादा मरीज मिलेंगे, उन्हें कंटेंमेंट जोन घोषित किया जाएगा।
आईसीयू वार्ड की हालत खराब
शहर में अचानक मामले बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है। राजधानी में 16 सरकारी और निजी अस्पतालों में आईसीयू और एचडीयू के 400 बेड रिजर्व हैं। इनमें से 72 फीसदी भर चुके हैं। 35 मरीज अभी वेंटिलेटर पर हैं। ऑक्सीजन सपोर्ट वाले 581 बेड में से 401 फुल हैं।
होली को लेकर गाइडलाइंस जारी
वहीं देर रात 1:30 बजे कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कहा कि होलिका दहन, शब-ए-बरात 20 लोगों के साथ मना सकेंगे। भीड़ न हो, इसका ध्यान रखें। बता दें कि प्रशासन ने पहले दोनों पर्व के सार्वजनिक तौर पर मनाने पर पाबंदी लगाई थी।
राज्य में 30 अप्रैल तक हो सकता है कोरोना विस्फोट
राज्य में 30 अप्रैल तक सक्रिय मामले 50 हजार तक पहुंच सकते हैं। फिलहाल ये आंकड़ा 12,995 है। यह अनुमान शुक्रवार को हुई कोरोना समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को दी थी। इसी बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से इस अनुमान के हिसाब से योजना बनाने को कहा है।
इन शहरों में लॉकडाउन
बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को राज्य सरकार ने विदिशा, उज्जैन, ग्वालियर, नरसिंहपुर शहरों के साथ छिंदवाड़ा जिले के सौंसर में भी रविवार को लॉकडाउन का एलान कर दिया था। मध्य प्रदेश सरकार इंदौर, भोपाल, जबलपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, रतलाम और खरगोन में रविवार को लॉकडाउन लगाने का फैसला पहले ही कर चुकी है। यानि कुल 12 शहरों में 28 मार्च को लॉकडाउन रहेगा।