गौरतलब है कि नए साल के तीसरे दिन यानी तीन जनवरी को मध्यप्रदेश कैबिनेट का विस्तार हुआ। इस दौरान तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। बता दें कि शिवराज कैबिनेट के तीसरे विस्तार में सिलावट और राजपूत को दूसरी बार मंत्री बनाया गया।
अब शिवराज सरकार के इस फैसले पर उन्हीं की पार्टी के नेताओं ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय विश्नोई ने सोमवार को ट्वीट किया और खुलेआम अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कैबिनेट विस्तार में महाकौशल क्षेत्र के विधायकों की अनदेखी होने की बात कही।
बता दें कि अजय विश्नोई ने अपने ट्वीट में लिखा, 'महाकौशल अब उड़ नहीं सकता। फड़फड़ा सकता है। मध्य प्रदेश में सरकार का पूर्ण विस्तार हो गया है। ग्वालियर, चंबल, भोपाल, मालवा क्षेत्र का हर दूसरा भाजपा विधायक मंत्री है। सागर, शहडोल संभाग का हर तीसरा भाजपा विधायक मंत्री है। महाकौशल के 13 भाजपा विधायकों में से एक और रीवा संभाग के 18 विधायकों में से एक को राज्य मंत्री बनने का सौभाग्य मिला है। महाकौशल और विंध्य अब फड़फड़ा सकते हैं, उड़ नहीं सकते। महाकौशल और विंध्य को अब खुश रहना होगा। खुशामद करते रहना होगा। बधाई।
जानकारी के मुताबिक, शिवराज सिंह चौहान को अपने कैबिनेट में सिंधिया समर्थकों को जगह देनी पड़ी। इसके चलते उन्हें अपने विधायकों को एडजस्ट करना पड़ गया। दरअसल, शिवराज कैबिनेट में अब सिंधिया समर्थक कुल 11 मंत्री हैं। ऐसे में कांग्रेस आरोप लगा रही है कि शिवराज कैबिनेट में ज्योतिरादित्य सिंधिया का दबदबा बढ़ रहा है। इससे भाजपा में अब उसके अपने ही नेताओं के लिए कोई जगह नहीं बची।