इंदौर की तर्ज पर भोपाल पुलिस को भी अपराधिकारियों की पहचान और पकड़ने के लिए बायोमेट्रिक डिवाइस दिए जाएंगे। इस डिवाइस पर अंगूठा लगाते ही सूचीबद्ध अपराधी की पूरी कुंडली सामने आ जाएगी। यह मशीन चौराहों पर जांच करने वाले और गश्त करने वाले पुलिस कर्मियों को दी जाएगी। भोपाल की सभी थाना पुलिस को प्रथम चरण में एक एक मशीन दी जाएगी। इसके बाद इसकी संख्या धीरे धीरे बढ़ाई जाएगी। इन मशीनों को पुलिस के सेंट्रल कंट्रोल रूम के सर्वर से जोड़ा जाएगा। जहां अपराधियों का पूरा रिकॉर्ड स्टोर रहेगा। फील्ड में जांच के दौरान पुलिस को किसी संदिग्ध पर शंका होने पर उसके अंगूठा पंच करा कर उसका पिछले रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड होने पर पुलिस के सामने उसकी पूरी जानकारी आ जाएंगी। इससे अपराधी पुलिस को गुमराह नहीं कर सकेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा आदतन अपराधियों की पहचान करने में मिलेगा।
नार्कों हेल्पलाइन की भी होगी शुरुआत
भोपाल में नशा कराने वालों की जानकारी देने के लिए पुलिस जल्द ही नार्कों हेल्पलाइन जारी करने वाली है। इसमें यदि रहवासी क्षेत्रों के आसपास कोई नशा कराता है तो जनता उसकी जानकारी पुलिस को दे सकेगी। इसका नंबर पुलिस एक सप्ताह के अंदर जारी करेंगी। इसका फायदा यह होगा कि कोई भी अपना नाम गुप्त रखकर नशा कराने वालों की जानकारी दे सकेगा।
एक महीने में आ जाएंगे डिवाइस
भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने बताया कि बायोमेट्रिक डिवाइस शुरुआत में सभी थानों को एक-एक उपलब्ध कराई जाएगी। एक महीने के अंदर मशीनें आ जाएगी। इससे आदतन और सूचीबद्ध अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलेगी। अपराधी पुलिस को गुमराह नहीं कर सकेंगे।