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Bhopal: भोपाल में डेंगू से युवक की मौत,शहर में दहशत का माहौल, स्वास्थ्य विभाग छुपाने में लगा,लापरवाही का आरोप

Fri, 01 Nov 2024 07:20 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में डेंगू से एक युवक की निजी अस्पातल में मौत हो गई हैं। जिसके बाद से शहर में दहशत का माहौल है। हालाकिं स्वास्थ्य विभाग मामले को छुपाने में लगा है। वहीं मरीज के परिजन  इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
 
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डेंगू का मच्छर - फोटो : social media
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विस्तार
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राजधानी भोपाल में मानसून की विदाई के बाद मच्छर जनित बीमारियों में पैर पसारना शुरू कर दिया है। राजधानी के एक निजी अस्पताल में एक युवक की मौत हो गई है। मरीज की रैपिड टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। मरीज की प्लेटलेट्स काउंट 8000 तक पहुंच गई थी। परिवार वालों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। इधर स्वास्थ्य विभाग मामले को छुपाने में लग गया है। रैपिड टेस्ट को मानने को तैयार नहीं है, जबकि निजी अस्पताल का दावा है कि मरीज को डेंगू ही था।
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यह है पूरा मामला
 शहर के एक निजी अस्पताल में बुधवार को 28 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन इसे डेंगू से मौत बता रहा है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग एलाइजा रिपोर्ट के आधार पर डेंगू से हुई मौत नहीं मान रहा है। निजी अस्पताल के दावे को मानें तो यह डेंगू से शहर की पहली मौत है। मृतक आशीष बोरकर के मामा शरद के अनुसार आशीष 28 अक्टूबर को खुद चलकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था। उसे बुखार आ रहा था। यहां जांच में प्लेटलेट्स काउंट बेहद कम आने पर उन्हें भर्ती कर लिया गया। इलाज के दौरान ही मरीज की प्लेटलेट्स 8 हजार तक पहुंच गई। परिवार वालों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन से कई बार विशेषज्ञों को बुलाकर इलाज कराने की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।


किडनी व लिवर फेलियर से हुई मौत 
रात करीब तीन बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद पहले वार्ड में ही स्टाफ ने सीपीआर दिया। इसके बाद आईसीयू में ले गए। कई बार पूछे जाने पर भी क्या इलाज चल रहा है, यह नहीं बताया गया। 30 अक्टूबर को सुबह नौ बजे सूचना मिली कि आशीष की डेंगू के चलते हुए मल्टी आर्गन (किडनी व लिवर) फेलियर से मौत हो गई।
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अस्पताल में 25 मरीज भर्ती हैं, 12 मरीज गंभीर 
मामले में अस्पताल के संचालक डॉ. अनूप हजेला का कहना है कि मरीज की रेपिट टेस्ट रिपोर्ट में डेंगू पाजिटिव आया था। इसके बाद मरीज का इलाज एमडी मेडिसिन, क्रिटिकल केयर एक्सपर्ट समेत चार डाक्टरों की टीम द्वारा किया गया। प्लेटलेट्स आठ हजार तक पहुंच गई थी, जिसके कारण मल्टी आर्गन (किडनी, लिवर और हार्ट) फेलियर हुआ। मरीज क्रिटिकल था, स्वजन ने पहले मरीज को बंसल और बीएमएचआरसी में शिफ्ट करने की बात कही थी, जिसे बाद में खुद से ही कैंसिल कर दिया। यह सभी लिखित में दर्ज हैं।
वर्तमान में यहां डेंगू के 25 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 12 गंभीर हैं। इनकी प्लेटलेट्स 25 हजार से नीचे हैं। सबका इलाज चल रह है। डा. हजेला ने बताया कि डेंगू के अलग से विशेषज्ञ नहीं होते। ऐसे मरीजों का कई डॉक्टर मिलकर इलाज करते हैं। इसके लिए अस्पताल में एक स्पेशल टीम है।

जब तक एलाइजा रिपोर्ट नहीं आती, तब तक डेंगू पाजिटिव नहीं
भोपाल सीएमएचओ डॉ प्रभाकर तिवारी का कहना है कि जब तक एलाइजा रिपोर्ट नहीं आती, तब तक डेंगू पाजिटिव नहीं माना जा सकता है। मरीज की एलाइजा रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिस रिपोर्ट में एनएस-1 रिएक्टिव आया, उसके आधार पर डेंगू पॉजिटिव माना जा रहा है।
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