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Bhopal: भोपाल में प्रदेश स्तरीय आम महोत्सव का शुभारंभ, 2 हजार तक आम की कीमत, नूरजहां और सुंदरजा बना आकर्षण

Tue, 10 Jun 2025 07:04 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में प्रदेश स्तरीय आम महोत्सव 8.0 का शुभारंभ मंगलवार को बिट्टन मार्केट स्थित नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में किया गया है। यह आयोजन 14 जून तक चलेगा। यहां 2 हजार किलो तक के आम उपलब्ध हैं।
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प्रदेश स्तरीय आम महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल में प्रदेश स्तरीय आम महोत्सव 8.0 का शुभारंभ मंगलवार को बिट्टन मार्केट स्थित नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में किया गया है। यह आयोजन 14 जून तक चलेगा। इस दौरान मध्यप्रदेश के जिलों से लाए गए प्राकृतिक और रसायनमुक्त आमों की 15 से अधिक किस्में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। इस साल महोत्सव में नूरजहां और रीवा का सुंदरजा आम भी खास आकर्षण बना हुआ। नूरजहां आलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में केवल 3 पेड़ों पर उगने वाला यह आम 2 किलो से ज्यादा भारी होता है और इसकी कीमत 2,000 रुपए तक रहती  है। इसकी खेती चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि हल्की हवा में भी इसका भारी फल गिर सकता है।महोत्सव में मध्यप्रदेश के आदिवासी जिलों से लाए गए 30 टन से अधिक आम बिक्री के लिए रखे गए हैं। खास बात यह है कि सभी आम प्राकृतिक और रसायनमुक्त तरीके से पके हैं।
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शुगर के मरीजों के लिए रीवा का सुंदरजा आम
रीवा जिले के गोविंदगढ़ क्षेत्र से लाया गया GI टैग प्राप्त सुंदरजा आम भी खास आकर्षण बना हुआ है। यह आम फाइबर-फ्री होता है और शुगर मरीजों के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसकी मिठास और गुणवत्ता इसे विशेष बनाती है। रीवा से आए आशीष मिश्रा ने बताया कि हम रीवा जिले से आए हैं। इस आम में शुगर कंटेंट कम होता है, इसमें करीब 12 प्रतिशत तक शुगर कंटेंट कम होता है, हम यहां यह आम लेकर आए हैं, यह अन्य आमों की अपेक्षा इसकी खुश्बू अलग होती है, वहां की जलवायु के चले अन्य जिलों में यह टेस्ट और खुश्बू नहीं आ पाती है। यह आम केवल रीवा जिले में ही पाया जाता है। 

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आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से बनाया जा रहा सक्षम 
नाबार्ड की चीफ जनरल मैनेजर सी. सरस्वी ने बताया कि वाड़ी परियोजनाओं से जुड़े आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना, उनकी आजीविका को सशक्त करना और विपणन कौशल विकसित करना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। आम महोत्सव “वाड़ी से थाली तक” की अवधारणा को साकार करता है। यह आम बहुत ही खास है क्योंकि यह पेड़ में पके हुए आम होते हैं इससे हमारे किसान भाइयों को एक अच्छा प्लेटफार्म मिलता है और वह अपने आमों को बेच पाते हैं।
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