राजधानी भोपाल में प्री-मानसून की बारिश शुरू हो चुकी मौसम विभाग ने जल्द ही मानसून आने की संभावना जताई है। ऐसी स्थिति में भी भोपाल नगर निगम बाढ़ से बचाव की तैयारियां नहीं कर सका है। महज 20 मिनट की तेज बरसात का पानी घंटों तक सड़कों पर भर रहा है। जानकारी के लिए बतादें कि बारिश शुरू होने से पहले हर साल निगम अधिकारियों की बैठक होती है और बकायदा बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया जाता है। यह दोनों काम अब तक नहीं हुए।
प्री-मानसून में बढ़ रही परेशानी
दरअसल मई महीने की शुरूआत से ही भोपाल में प्री-मानसून की गतिविधियां तेज हो गई थी। वहीं 20 मई को शहर में सीजन की सबसे ज्यादा बरसात दर्ज की गई। इस प्री-मानसून की बरसात में तेज आंधी भी चली, जिससे कई इलाकों में पेड़ गिरे और होर्डिंग लटक गए। इसमें 27 मई को स्थिति ज्यादा बिगड़ी लेकिन नगर निगम अब तक इन हालातों से निपटने के लिए तैयार नहीं हुआ। बरसात के मद्देनजर
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इस सीजन में यहां हो चुके हैं हादसे
शुरूआती मई महीने से लेकर अब तक प्री-मानसून की बरसात और तेज आंधी चलने से शहर में पेड़ गिरने से लेकर होर्डिंग गिरने के हादसे हो चुके है। जहां 4 मई को कोकता ट्रांसपोर्ट नगर में गेट्री गिर गई थी, वहीं 20 मई निवेश नगर में एक होर्डिंग गिरा, उसी दिन एमपी नगर स्थित ज्योति टाकीज के सामने ट्रैफिक सिग्नल गिर चुका है।
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पहले इस तरह होती है तैयारी
शहर में तेज बारिश होने पर बाढ़ की स्थिति बने या पेड़ गिरे, इसके लिए नगर निगम के फायर कंट्रोल रूम को बाढ़ नियंत्रण कक्ष का मुख्यालय बनाया जाता है। जहां कोई भी व्यक्ति मदद के लिए कॉल सेंटर पर फोन लगा सकता है। यहां बेसमेंट में जलभराव होने की स्थिति से निपटने के लिए 20 पंप हैं, जो पांच एचपी से लेकर 10 एचपी तक हैं। वही लाइफ जैकेट 50, लाइट ट्यूब 50, रस्सी 200 फीट, एक मोटर बोट 24 घंटे रिजर्व रखी है, ताकि आपात स्थिति की सूचना मिलते ही मदद के लिए अमला मौके पर रवाना किया जा सके, लेकिन यह सब संसाधन आबादी के मुताबिक कम है।
पीएम के कार्यक्रम के बाद बनेगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष
बीएमसी के अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन अधिकारी सौरभ पटेल ने बताया कि मानसून के समय से पहले आने के कारण बाढ़ से बचाव के कुछ उपाय अभी पूरे नहीं हो पाए हैं, लेकिन पीएम के कार्यक्रम के बाद उन्हें पूरा कर लिया जाएगा। पटेल ने आगे कहा कि भोपाल कलेक्टर के निर्देश के बाद जल्द ही बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा।