जीतू पटवारी ने जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर कहा कि बडे़ नेताओं को सीधे राहुल गांधी ने फोन कर जिला अध्यक्ष बनाए जाने की सूचना दी है। नेताओं की सहमति के बाद नाम जारी किए गए। दावेदारों के विरोध को लेकर पटवारी ने कहा कि सब पार्टी के सदस्य उचित फोरम पर बात रख सकते हैं।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के नव नियुक्त जिला अध्यक्षों को दिल्ली बुलाया गया है। दिल्ली में 24 अगस्त को एक दिवसीय ट्रेनिंग होगी। इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी शामिल होंगे। बिहार यात्रा से एक दिन का ब्रेक लेकर वे जिला अध्यक्षों की मीटिंग लेंगे।
पटवारी ने कहा आज मैं अंतर मन से बहुत खुश हूं। पचौरी जी जब बीजेपी में गए थे उस समय मुझे रात-रात भर नींद नहीं आती थी। उनके साथ कई जिला अध्यक्ष भी गए थे। यह कांग्रेस पार्टी का सकारात्मक संदेश है कि जो अध्यक्ष पार्टी छोड़कर जा रहे थे, उसी अध्यक्ष पद के लिए लोग इतनी लड़ाई लड़ रहे हैं। जो निर्णय लिए जाते हैं उसमें 100% पॉजिटिविटी नहीं आती है। पर 90% पॉजिटिविटी आती है। मैं समझता हूं, इसी तरह का वातावरण है। राहुल गांधी ने संगठन सृजन के लिए जो पर्यवेक्षक भेजे थे, उन्हीं की रिपोर्ट के आधार पर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हुई है। किसी नेता का किसी प्रकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है।
प्रेस कांफ्रेंस में विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि स्वयं राहुल गांधी ने जून माह में कहा था कि हर जिले में जो सबसे प्रभावशाली नेता हो, जो लंबी रेस के घोड़े हैं, उनको अध्यक्ष बनाया जाएगा। मैं बहुत आभारी हूं, राहुल गांधी जी का जिन्होंने मुझे मौका दिया है। जो लोग विरोध कर रहे हैं उनको संगठन सृजन के बारे में जानकारी नहीं है। हम सब साथ मिलकर काम करेंगे। राहुल गांधी जी की सोच है कि जिला अध्यक्ष ताकतवर होना चाहिए। मैं तीन बार का विधायक हूं, एक बार मंत्री रहा हूं। जो पार्टी कहेगी वह काम करूंगा। हम पार्टी में मिलकर काम करें।
बता दें, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के तहत 71 शहर और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है। भोपाल में प्रवीण सक्सेना को एक बार फिर शहर अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। इंदौर में चिंटू चौकसे को नया शहर अध्यक्ष नियुक्त किया गया। गुना से जयवर्धन सिंह को जिला अध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा कई जिलों में नए चेहरों को मौका दिया गया, जिनमें बालाघाट से संजय उइके, रतलाम ग्रामीण से हर्ष गहलोत और बैतूल से निलय डागा जैसे नाम शामिल हैं।