पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव
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मध्य प्रदेश में तबादला नीति लागू होने के बाद सभी विभागों में इन दिनों ट्रांसफर प्रक्रिया चल रही है। हालांकि एक दिन पहले ट्रांसफर प्रक्रिया आखिरी दिन था। लेकिन इस बीच बड़ी लापरवाही देखने को मिली। जेल में सजा काट रहे पटवारी को दूसरी जगह पदस्थापना दे दी गई है। लिस्ट जारी होने के बाद विभाग की लापरवाही पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने सवाल खड़े किए हैं।
मप्र में तबादला उद्योग पूरी तेजी से चल पड़ा
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, मप्र में तबादला उद्योग पूरी तेज़ी से चल पड़ा। श्योपुर जिले में बाढ़ राहत राशि में हुई गड़बड़ी के प्रकरण में पटवारी हेमंत मित्तल जेल में बंद है उसके बाद भी विजयपुर तहसील से बड़ौदा तहसील में ट्रांसफर कर दिया। वाह डबल इंजन की सरकार। ट्रांसफर उद्योग भी डबल तेजी से चला है।

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16 जून को जारी हुई थी लिस्ट
गौरतलब है कि 16 जून को श्योपुर जिला प्रशासन ने 21 पटवारियों के ट्रांसफर की दो लिस्ट जारी कीं। जिसमें एक सूची में 9 पटवारी और एक सूची में 12 पटवारियों के नाम शामिल रहे। लेकिन विशेष बात यह है कि एक सूची में विजयपुर तहसील के पटवारी हेमंत मित्तल का नाम भी था। दरअसल हेमंत मित्तल को धोखाधड़ी के एक मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर कुछ दिन पहले ही जेल भेजा है। पटवारी हेमंत मित्तल को विजयपुर तहसील से बड़ौदा तहसील में स्थानांतरित किया गया, लेकिन ये वर्तमान में जेल में बंद है।