राजधानी भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित राज्य संग्रहालय में हुई 15 करोड़ के आभूषणों की चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह कर रहा है। मामले की जांच के लिए बनाई गई स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) भोपाल से बिहार तक उसका नेटवर्क खंगाल रही है। पुलिस का अनुमान है कि आरोपी किसी ऐसे गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो देश की अमूल्य धरोहरों की खरीद-फरोख्त में लिप्त हैं। इस वारदात के बाद भोपाल पुलिस शहर के तीनों संग्रहालयों का सिक्योरिटी ऑडिट भी कराएगी।
आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह 6 माह की रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया है। इसके लिए वह पहले भी कई बार राज्य संग्रहालय में टिकट लेकर घुसकर सुरक्षा कमियों की पूरी जानकारी जुटा चुका था। यह जानकारी सामने आने के बाद पुलिस चौकन्नी हो गई है। आशंका है कि यह किसी अतर्राष्ट्रीय तस्कर गिरोह का सदस्य हो सकता है, जो देश-विदेश में अमूल्य धरोहरों की खरीदी व तस्करी में लिप्त होगा। आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी उसके परिजनों को दे दी गई है, वह मूलतः बिहार का रहने वाला है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह श्यामला हिल्स पुलिस को सूचना मिली कि राज्य संग्राहलय के दो कमरों के ताले तोड़कर अंदर रखे मुगल काल और गुप्त काल समेत अन्य पुरातन समयावधि के सोने तथा अन्य धातु से सिक्के और आभूषण चोरी हो गए हैं। इन आभूषणों की कीमत करीब 15 करोड़ रुपए बताई गई थी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरे परिसर की सर्चिंग शुरू की तो एक व्यक्ति घायल अवस्था में पड़ा मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम विनोद यादव (49) निवासी गया बिहार बताया। उसके पास मौजूद थैले को चैक किया गया तो अंदर चोरी किए गए पूरे आभूषण बरामद हो गए।
पूछताछ में पुलिस को कर रहा गुमराह
आरोपी ने बताया कि वह गया में रहता है और खेती किसानी करता है। पुलिस ने जब उसके परिवार वालों से संपर्क किया तो पता चला कि वह मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का काम करता है, जिसके चलते अस्पताल वाले उसे कमीशन देते हैं। उसकी पत्नी और बच्चे गया नहीं, बल्कि पटना में रहते हैं। एक बेटा दसवीं और दूसरी छटवीं कक्षा में पढ़ता है। आरोपी ने बताया कि वह रविवार की सुबह भोपाल पहुंचा था। उसके बाद संग्रहालय में चोरी की योजना बनाई थी। हालांकि पुलिस को उसकी बातों पर विश्वास नहीं हो रहा है।
पूरी तैयारी के साथ पहुंचा था अंदर, सोमवार को अवकाश होने से नहीं निकल सका
आरोपी विनोद के पास एक बैग था, जिसके अंदर ताला तोड़ने वाली लोहे की नुकीली छड़, लोहा काटने की आरी, नट खोलने वाला पाना, रस्सियां, ग्लब्स और काले रंग का नकाब समेत अन्य साजो सामान था। वह टिकट लेकर भीतर दाखिल हुआ और संग्राहालय बंद होने के समय सीढ़ियों के नीचे छिप गया। रात को आभूषण चुराकर थैले में भरा और सुबह होने का इंतजार करने लगा। वह विजिटर्स के साथ बाहर निकलना चाहता था, लेकिन अगले दिन सोमवार को संग्रहालय बंद था, जिसकी वजह से वह चोरी का सामान लेकर बाहर नहीं निकल सका। दूसरी रात उसने 25 फीट ऊंची दीवार फांदने का प्रयास किया। वह दीवार में लगे पाइप और बिजली की केबिल के सहारे करीब 20 फीट तक चढ़ गया था, लेकिन हाथों में ऊनी ग्लब्स होने के कारण फिसलकर जमीन पर जा गिरा। पैर में फ्रैक्चर और कमर में चोट होने के कारण वह दोबारा दीवार पर चढ़ने की हिम्मत नहीं कर पाया, जिसके चलते पकड़ा गया। राज्य संग्रहालय में हुई चोरी की वारदात के बाद पता चला कि यहां सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद हैं और दरवाजे भी कमजोर हैं। सिक्योरिटी के जिस प्रकार के इंतजाम होने चाहिए, वह पर्याप्त नहीं थे। अब स्टेट म्यूजियम के साथ ही ट्रायबल म्यूजियम और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का सिक्योरिटी आडिट कराया जाएगा। इससे सुरक्षा की खामियां पता चल पाएंगी। फिलहाल पकड़े गए आरोपी को ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा गया है।