समाज में फैली बुराइयां, विसंगतियां और कमियां हमें मुख्यधारा से पिछड़ने के हालात बनाती हैं। इनके खिलाफ एक अभियान चलाकर समाज की बेहतरी के लिए कोशिश की जाएगी। मप्र मुस्लिम विकास परिषद की राजधानी भोपाल में हुई बैठक में यह बात कही गई। इस दौरान परिषद ने समाज में फैली तमाम बुराइयों पर खुलकर बात की।
इनमें खास तौर पर 13 अलग-अलग मुद्दों पर फिक्र करने पर तरजीह दी गई। करीब आधा सैकड़ा मौजूद पदाधिकारियों के बीच अध्यक्ष मोहम्मद माहिर एडवोकेट ने कहा कि परिषद के पदाधिकारियों के लिए जरूरी है कि मुस्लिम समाज को दुरुस्त करने के लिए कमर कस लें। इनमें परिषद की उद्देश्यों को लेकर भी बात की गई। इनमें खासतौर पर मुस्लिम समुदाय को दीनी तालीम की तरफ अग्रसर करना भी है। यह भी कहा गया कि अलग-अलग वजहों से मुस्लिम तबका कई सरकारी प्रोग्राम्स में शिरकत से महरूम है, जिसे परिषद जिम्मेदारी निभाते हुए हर जरूरतमंद मुस्लिम को जोड़ने का काम करें।
सुन्नत अमल पर भी जोर
इस दौरान जोर देकर कहा गया कि मुस्लिम विकास परिषद को खुद को लोगों के बीच खास नहीं बल्कि आम और मददगार के तौर पर सेवाओं के लिए पहचान बनानी चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की पहुंच में आया जा सके। मुस्लिम विकास परिषद के ओहदेदारों ने एक के बाद एक कई ख्याल रखें, जिसपर अमल कर परिषद समाज के लोगों तक अपनी पहुंच बना सकती है। इस मौके पर मौजूद लोगों ने सुन्नत पर अमल पर भी जोर देते हुए कहा कि मुस्लिम समाज अपनी पहचान खोता जा रहा है। इसकी वजह उसके वे तौर तरीके हैं, जो सुन्नत से बिल्कुल मेल नहीं खाते। जैसे शादियों में उन तरीकों को शामिल करना, जिनसे इस्लाम में मनाही की गई है।
खास प्रोग्राम करेगी मुस्लिम विकास परिषद
इसके अलावा परिषद अपनी खुद की पहचान के लिए अब मौके मौके पर अलग अलग कैंप लगाने पर भी ध्यान देगी। इनमें हज के दौरान ट्रेनिंग कैंप, रमजान के मौके पर सामूहिक रोजा अफ्तार के प्रोग्राम, मस्जिदों की साफ-सफाई, ईद मिलन जैसे प्रोग्रामों को शामिल करना भी है।
नए ओहदेदारों को नवाजा
बैठक में भोपाल के आसपास से यहां तशरीफ लाए ऐसे नए ओहदेदारों को भी नवाजा गया, जिन्होंने समाज और मुस्लिम वर्ग की भलाई के लिए काफी वक्त दिया। साथ ही उनकी हौसला अफजाई की गई।