भोपाल के बड़े तालाब से रोजाना 2 मिलियन लीटर (MLD) पानी बांदीखेड़ी स्थित EMC फैक्ट्रियों को देने के नगर निगम के फैसले ने शहर में नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि झील से अतिरिक्त पानी निकालने का असर सीधे शहर की घरेलू पानी सप्लाई पर पड़ सकता है, खासकर गर्मियों के दिनों में जब तालाब का जलस्तर पहले से ही नीचे चला जाता है। हालांकि निगम के अधिकारियों का कहना है कि फैक्ट्रियों को पानी देने से शहर वासियों के पानी सप्लाई पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा।
विशेषज्ञों की चेतावनी
मैनिट के प्रो. जगदीश सिंह का कहना है कि बड़े तालाब से अतिरिक्त पानी देना दीर्घकालिक दृष्टि से नुकसानदायक हो सकता है। तालाब अपनी अधिकतम क्षमता के करीब है। अगर इससे और पानी लिया गया, तो गर्मियों में स्थिति गंभीर हो सकती है। भोपाल के पास 18 वैकल्पिक जल स्रोत हैं, जिनका उपयोग उद्योगों के लिए किया जा सकता है। झील से पानी निकालना आखिरी विकल्प होना चाहिए।
गर्मियों में घट सकता है जलस्तर
प्रो. जगदीश सिंह ने बताया कि अपर लेक फिलहाल भोपाल को 86.4 MLD पानी सप्लाई कर रही है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 99 MLD तक ही है। झील पर पुराने भोपाल के करीब 6 लाख लोग पूरी तरह निर्भर हैं। ऐसे में औद्योगिक उपयोग के लिए अतिरिक्त पानी निकालना झील की क्षमता और शहर की जरूरतों के बीच असंतुलन पैदा कर सकता है।वहीं जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गर्मियों में तालाब का स्तर 3 से 4 फीट तक घट जाता है। ऐसे समय में हर बूंद कीमती होती है। औद्योगिक उपयोग के लिए पानी निकालना नागरिक आपूर्ति पर सीधा असर डाल सकता है ।
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बढ़ेगा जल संकट का खतरा
बड़े तालाब पर हो रहे अतिक्रमण की लड़ाई लड़ रहे राशिद नूर खान का कहना है कि बड़े तालाब में कब्जा बढ़ा रहा है इस कारण तालाब का आकार छोटा होता जा रहा है। ऐसे में उद्योग के लिए पानी देना सही नहीं हैं। बड़े तालाब का जलस्तर लगातार घटने से न केवल नागरिक सप्लाई प्रभावित होगी, बल्कि झील के पारिस्थितिक तंत्र पर भी असर पड़ेगा। पानी कम होने से झील में ऑक्सीजन की मात्रा घटती है, जिससे जलीय जीवन प्रभावित होता है और झील की स्व-शुद्धिकरण क्षमता भी घट जाती है।
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क्या हो सकता है असर
-झील का जलस्तर कम होने से घरेलू सप्लाई में कटौती करनी पड़ सकती है।
- पुराने भोपाल के कुछ हिस्सों में टैंकर सप्लाई पर निर्भरता बढ़ सकती है।
- जलाशयों में तलछट (सिल्ट) बढ़ने से स्टोरेज क्षमता और घटेगी।
- झील का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ सकता है।