कार्यक्रम के दौरान सफाई का खास ध्यान रखा गया।
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मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि डिक्की एक ऐसा संगठन है, जो कि युवाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ रहा है। जीरो वेस्ट की पहल मोदीजी के स्वच्छ भारत मिशन के संकल्प को पूरा करने में काफी कारगार सिद्ध होगी। वहीं, भोपाल महापौर मलती राय ने कहा कि डिक्की की इस अनूठी पहल को हम निगम के अन्य आयोजनों में भी लागू करेंगे। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने भी जीरो वेस्ट इवेंट को स्वच्छ भारत मिशन में सहायक बताया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए बांटे गए 2 हजार उद्यमिता वृक्ष
डॉ. सिरवैया ने बताया कि बाबा साहेब की जयंती को खास बनाने के लिए डिक्की मध्य प्रदेश चैप्टर की पहल को आमजनों का भरपूर सहयोग मिला। इस मौके पर राजधानी भोपाल स्थित बोर्ड ऑफिस चौराहे पर हुए कार्यक्रम को पूरी तरह से कचरा मुक्त यानी 'जीरो वेस्ट' जोन रखा गया। लोगों ने जिम्मेदारी निभाते हुए खुद कचरा, बॉलट प्लास्टिक आदि दिखाई देने पर इसे डस्टबिन में डाला। लोग सेल्फ वॉलेंटियर बने। डिक्की मप्र. चैप्टर के उपाध्यक्ष डाॅ. पंकज पाटिल ने कहा कि डॉ. बीआर आंबेडकर ने हमेशा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को महत्व दिया। इन्हीं विचारों से प्रेरित होकर डिक्की ने बाबा साहेब की जयंती पर 2 हजार उद्यमिता वृक्ष बांटे गए।
482 किलो गीला कचरा और 265 किलो पेपर कप उठाए
डिक्की के वरिष्ठ सदस्य डॉ. मनोज आर्य ने बताया कि बाबा साबेह की जयंती पर बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अनेक सामाजिक संस्थाएं भोजन, प्रसादी, जलपान, शरबत, चाय-काफी, पानी आदि खाद्य पदार्थों का वितरण किया। कार्यक्रम को जीरो वेस्ट बनाने में सार्थक संस्था तथा सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी का सहयोग मिला। सार्थक संस्था के अध्यक्ष इम्तियाज अली ने बताया कि इवेंट में पेपर कप 265 KG, पुट्ठ 42 KG, प्लास्टिक बॉटल 7.5 KG, पानी पाऊच 3 KG, ग्रे बोर्ड- 62 KG, फूड वेस्ट (गीला कचरा) 482 KG, टेट्रा पैक 18 KG एकत्रित किए गए।
गीला-सूखा कचरा रीसाइकिलिंग के लिए भेजा गया
कार्यक्रम स्थल से निकले सूखे कचरे को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के अनुरूप रीसाइकलिंग के लिए मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी ट्रांसपोर्ट नगर भेजा गया। जहां पर इसका प्रथककरण कर रीसाइकलिंग के लिए भेजा जाएगा। गीले कचरे से खाद बनाने हेतु उपरोक्त भोजन अपशिष्ट एवं फलों के अवशेष को कम्पोस्ट यूनिट में भेजा गया है, जिससे खाद बनाई जाएगी। उपरोक्त कार्यक्रम पर्यावरण विद् सार्थक संस्था के प्रमुख इम्तियाज अली के नेतृत्व में संपादित किया गया। नगर निगम भोपाल मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में इसमें अपना सहयोग प्रदान किया।
जीरो वेस्ट इवेंट के दौरान क्या खास रहा?
- भोजन, प्रसादी, चाय, शरबत आदि के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक के स्थान पर दोना-पत्तल और कागज से बने डिस्पोजल यूज हुए।
- 20 से अधिक स्थानों पर शीतल और स्वच्छ जल उपलब्ध होगा। वॉलेंटियर डिस्पोजल का संग्रहण किया।
- कार्यक्रम स्थल पर 50 से अधिक स्थानों पर डस्टबिन रखे गए। कचरे संग्रहण के लिए वॉलेंटियर तैनात रहे।
- एमआरएफ यानी मटेरियल रिकवरी फेसिलिटी बनाई गई। जहां कचरे का संग्रहण कर इसका प्रथक्करण हुआ।
- प्रथक्करण के बाद सूखे तथा गीले कचरे को नगर निगम के कचरा संग्रहण केन्द्रों तक पहुंचाया गया।
- कार्यक्रम स्थल के चारों तरफ ‘‘जीरो वेस्ट कार्यक्रम ’’ की बोर्ड लगाएं गए।
- लोगों से निर्धारित स्थान पर ही कचरा फेंकने और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने की अपील।
- कार्यक्रम स्थल पर समाज के प्रत्येक व्यक्ति से स्वच्छता के लिए प्रण का आव्हान किया गया।
- पर्यावरण संरक्षण के लिए 10 हजार से ज्यादा उद्यमिता वृक्ष का वितरण किया गया।
- कार्यक्रम के बाद स्थल पूर्णत: साफ करने के बाद समापन हुआ।
- संयुक्त राष्ट्र सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल एवं बाबा साहेब के विचारों में भी है स्वच्छता का संकल्प।
- जीरो वेस्ट कार्यक्रम स्वच्छ भारत मिशन की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने में कारगर साबित हुआ।
- एससी-एसटी समाज में स्वच्छता के प्रति जागरुकता की अलख को प्रोत्साहित करने में आयोजन सफल रहा।