सीएम ने मेट्रो में आरकेएमपी मेट्रो स्टेशन तक सफर किया
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मेट्रो में आधुनिक सुविधाएं
भोपाल में ग्रेड-4 की मेट्रो है। मेट्रो में सीसीटीवी कैमरे के साथ ही महिला और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग बैठने की व्यवस्था है। हालांकि अभी मेट्रो ड्राइवर ही चलाएंगे। ऑरेंज लाइन पर सुभाष नगर से रानी कमलापति मेट्रो स्टेशन के बीच ट्रायल रन होगा। भोपाल में ट्रायल रन के लिए सुभाष डिपो में कार्यक्रम रखा गया था। सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन को फूलों से सजाया गया था। यहां पर स्कूल और कॉलेज के स्टूडेंट्स को भी बुलाया गया था।
यह है भोपाल का मेट्रो प्रोजेक्ट
- ऑरेंज और ब्लू लाइन प्रोजेक्ट की कुल लंबाई-30 किमी
- कुल प्रोजेक्ट की लागत- 6942 करोड़ रुपए
- प्रॉयारिटी कॉरिडोर की कुल लंबाई-5 किमी
30 किमी की है ऑरेंज और ब्लू लाइन
ऑरेंज लाइन- 15 किमी की ऑरेंज लाइन एम्स से करोंद तक होगी। इस पर ही सुभाष नगर से रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बीच ट्रायल रन की शुरुआत होगी। इस लाइन पर दो भूमिगत रेलवे स्टेशन भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टेशन के पास बनेंगे। इसके अलावा 28 एलिवेटेड स्टेशन रहेंगे।
ब्लू लाइन- 15 किमी की ब्लू लाइन भदभदा से रत्नागिरी भेल तक बनेगी।
मई-जून तक जनता के लिए शुरू होगी मेट्रो
सुभाष नगर से रानीकमलापति रेलवे स्टेशन के बीच मेट्रो को मई-जून 2024 तक जनता के लिए शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। यहां पांच स्टेशन रहेंगे। इनकी लंबाई छह कोच के हिसाब से डिजाइन की गई है। हालांकि, अभी तीन-तीन कोच की मेट्रो ही चलाई जाएगी। 2026 तक दोनों लाइन पर मेट्रो को चलाने पर करीब सात लाख लोगों की क्षमता के साथ सफर शुरू हो सकेगा।
ग्रेड-4 मेट्रो-यह है खासियत
इंदौर और भोपाल में विश्व स्तरीय ग्रेड-4 मेट्रो दौड़ेंगे। यह अब तक एडवांस मेट्रो है, जो बिना ड्राइवर के भी सुरक्षित है। अभी शुरुआत में मेट्रो को ड्राइवर के साथ चलाया जाएगा। मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में अभी ग्रेड-2 की मेट्रो संचालित की जा रही है। एक लाइन पर ग्रेड-4 मेट्रो शुरू की गई है। अहमदाबाद में भी ग्रेड-3 मेट्रो चल रही है।