उमा ने कहा कि कोई माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता।
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उमा ने कहा कि गरीब सवर्ण को भी 10% आरक्षण मिल रहा है, लेकिन महिला आरक्षण बिल पास हो गया इसके लिए आभार पर पिछड़ी जाति की महिलाओं को आरक्षण दिए बिना बिल लागू नहीं हो सकता है। उमा ने कहा कि यह बात ध्यान रखना चाहिए। सरकार को सर्वहारा वर्ग का ध्यान रखना होगा। चुनाव टाइम में भले ही आप लोगों को हाथ नहीं जोड़ना पड़े लेकिन चुनाव के बाद हाथ ज़रूर आपको जोड़ना पड़ेगा। रावण की लंका और राम का उदाहरण देते हुए उमा भारती में कहा कि राम सर्वहारा थे इसलिए लंका धूं-धूं कर के जल गई और रावण की मुण्डियाँ कटती नज़र आईं। इसलिए कहते हैं जो सर्वहारा होता है उसकी जीत निश्चित ही होती है।
कुछ लोग खा रहे खीर
उन्होंने कहा कि राम राज्य की स्थापना सभी समुदायों को मिलाकर हुई थी, समाज की विषमता से राम राज्य कि स्थापना नहीं होती। कुछ लोग चाँदी की चम्मच में खीर खा रहे हैं और कुछ गरीब लोग जंगल के खट्टे बेर खा रहे हैं। केवट का उदाहर देते हुए उमा ने किया सरकार पर कटाक्ष किया कि सरकार बनने के बाद केवट को नहीं भूलना चाहिए। उसका वन उसका तालाब उसका मछुआरा नहीं भूलना चाहिए। पता चला पट्टा किसी का, खनन किसी और का, ज़मीन किसी और की।