राजधानी भोपाल में नवरात्र की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। 22 सितंबर से नवरात्र प्रारंभ होंगे। सार्वजनिक स्थानों पर पंडालों और झांकियों के सजाने का सिलसिला जारी है। इस बार उत्सव न सिर्फ धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक बनेंगे, बल्कि भारतीय इतिहास, संस्कृति कला और आस्था को भी पहचान देंगे। जय मां वैष्णो दुर्गा उत्सव श्री राम रसोई समिति विट्ठन मार्केट द्वारा इस बार भगवान जगन्नाथ पुरी का झांकी पंडाल तैयार किया जा रहा है। समिति के संयोजक हरिओम खटीक ने बताया कि सवा करोड़ रुपए की लागत से पंडाल तैयार किया जा रहा है। इसमें कोलकाता के 62 कारीगर 75 दिन से काम में जुटे हुए हैं। यह झांकी का 22वां साल है। वहीं न्यू मार्केट दुर्गा उत्सव समिति द्वारा मथुरा का श्री कृष्ण जन्मभूमि का पंडाल सजाया जा रहा है। संयोजक पवन वरदानी व सचिव अजय देवनानी ने बताया कि 45 लाख की लागत से झांकी बन रही है। कलकत्ता के 20 कारीगर निर्माण कार्य में लगे हुए हैं। वृदांवन की लीलाएं देखने को मिलेगी।
न्यू मार्केट में मथुरा की झांकी
न्यू मार्केट दुर्गा उत्सव समिति द्वारा मथुरा का श्री कृष्ण जन्मभूमि का पंडाल सजाया जा रहा है। संयोजक पवन वरदानी व सचिव अजय देवनानी ने बताया कि 45 लाख रुपये की लागत से झांकी बन रही है। कलकत्ता के 20 कारीगर निर्माण कार्य में लगे हुए हैं। वृंदावन की लीलाएं देखने को मिलेंगी। मथुरा और ब्रिज के दर्शन होंगे। अजय देवनानी ने बताया कि इस आयोजन में श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा की प्रतिकृति तैयार की गई है, जो 60 फीट ऊंची है। यहां स्थापित होने वाली मूर्तियों में सबसे बड़ी गोवर्धन पर्वत में भगवान श्री कृष्ण को दिखाते हुए तैयार की गई है। साथ ही अन्य प्रतिमाएं भी होंगी जो मथुरा और वृंदावन की झलक दिखाएंगी।
स्वदेशी का संदेश
अजय देवनानी ने बताया कि न्यू मार्केट उत्सव समिति द्वारा किए जा रहे आयोजन में स्वदेशी खरीदें और स्वदेशी बेचें के संदेश भी लोगों को दिए जाएंगे। इसके साथ ही जीएसटी में हुए सुधार की भी जानकारी पंडाल के माध्यम से लोगों को दी जाएगी।
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जगन्नाथ पुरी के ब्राह्मण करेंगे पूजा
जय मां वैष्णो दुर्गा उत्सव श्री राम रसोई समिति विट्ठन मार्केट के संयोजक हरिओम खटीक ने बताया कि 22वें वर्ष में समिति द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ पुरी से जगन्नाथ जी की मूर्ति लाकर स्वरूप निर्माण किया जा रहा है। पिछली बार समिति द्वारा श्री राम मंदिर अयोध्या जी का निर्माण किया गया था और इस बार भगवान जगन्नाथ जी का मंदिर बन रहा है। यहां की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जगन्नाथ पुरी से स्वयं भगवान की मूर्ति पधार रही है। साथ ही जगन्नाथ पुरी से ही ब्राह्मण आ रहे हैं, जो भगवान की पूजा करेंगे। समिति द्वारा विशेष पुजनों का आयोजन किया जाएगा।
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