भोपाल में एक साल से ज्यादा समय बाद भी 250 से ज्यादा सिटी बसें चलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। अभी भोपाल के यात्रियों को इसके लिए और इंतजार करना पड़ेगा। इसे लेकर विधानसभा में उठे मुद्दे में नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गी ने बताया है कि इसके लिए कोई समय तय नहीं है। जानकारी के लिए बता दें कि राजधानी भोपाल में 368 में से सिर्फ 111 बसें ही चल पा रही हैं। उसमें भी 20 बसें किसी न किसी कारण से मेंटेनेंस को लेकर वर्कशाप में खड़ी रहती हैं। जबकि 149 बसों को ऑपरेटर डिपो से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। इन ऑपरेटरों के अनुसार पहले उन्हें पिछले बकाया करीब दो करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया जाए, उसके बाद सिटी बसें सड़कों पर दौड़ेंगी। वहीं निगम अधिकारियों के अनुसार बसों के संचालन में काफी घाटा हो रहा है। इसलिए शासन को पत्र लिखकर सहयोग मांगा गया है।
बस बंद होने से शहर में बढ़े ऑटो
सिटी बसों के न चलने से भोपाल में डेढ़ हजार नए आटो चलने लगे हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। वहीं किराया भी दो से तीन गुना अधिक देना पड़ रहा है और दुर्घटना का भी डर बना रहता है। इस संबंध में बस ऑपरेटरों के अनुसार बीसीएलल कंपनी कोई प्रयास ही नहीं कर रही कि बसों का संचालन हो। यही कारण है कि पुराना बकाया भुगतान रोकने के अलावा टिकिट कलेक्शन कंपनी नहीं ढूंढ पा रही।
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इन रूटों में यात्री हो रहे है परेशान
बसों के संचालन में व्यवधान की असली वजह टिकट एजेंसी चलो एप ने प्रति किलोमीटर दी जाने वाली राशि घटाने की मांग की है। इसका विरोध बस ऑपरेटर मां एसोसिएट द्वारा किया गया। इस कारण न तो टिकिट कलेक्शन हो पा रहे हैं और न ही बसों का संचालन। शहर के 115, 113, 116, 205, 204, 208, एसआर 8, टीआर 1, 311 और 106 रूट पर बसों के नहीं चलने से रोजाना एक लाख से अधिक यात्री प्रभावित हो रहे हैं।
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विधान सभा विधायक ने लगाया था यह सवाल
दरअसल हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न लगाया था। उन्होने पूछा था कि भोपाल में जितनी बसों का संचालन होना चाहिए, उससे आधी भी बसें नहीं चलाई जा रही हैं। लोग परेशान हैं। मंडीदीप,आचारपुरा, बागरोदा, बंगरसिया, फंदा, बिलकिसगंज औद्योगिक केंद्र आने-जाने वाले नागरिकों को साथ स्कूल- कॉलेज के बच्चों को असुविधा हो रही है। बसों का संचालन ठीक तरीके से हो, इसके लिए BCLL के अधिकारियों एवं ऑपरेटरों की साठगांठ की जांच होनी चाहिए। इसके बाद सोमवार को जवाब मिला। जिसमें कहा गया है कि बसें शुरू करने का समय नहीं बताया जा सकता है। हलांकि अधिकारियों और ऑपरेटरों की साठगांठ की बात पर पर नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा जांच कराए जाने की बात कही है।