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Bhopal: GMC में जर्जर हो रहे हॉस्टल, 3 करोड़ मंजूर होने के बावजूद नहीं हुआ सुधार, नए छात्रों की बढ़ेगी परेशानी

Wed, 27 Aug 2025 08:26 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

GMC में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को रहने के लिए बनाए गए 30 साल से ज्यादा पुराने हॉस्टल की हालत काफी खराब हो गई है। हॉस्टल को सुधारने के लिए करीब 3 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है, लेकिन लंबे समय से टेंडर की प्रक्रिया अटकी हुई है। 
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जीएमसी का हॉस्टल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी स्थित गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को रहने के लिए बनाए गए 30 साल से ज्यादा पुराने हॉस्टल की हालत काफी खराब हो गई है। हॉस्टल को सुधारने के लिए करीब 3 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है, लेकिन लंबे समय से टेंडर की प्रक्रिया अटकी हुई है। हॉस्टल में आने वाले नए विद्यार्थियों की परेशानी और बढ़ सकती है। 
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जीएमसी में दो नए हॉस्टल बनाने की तैयारी
जानकारी के अनुसार गांधी मेडिकल कॉलेज में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए दो नए हॉस्टलों का निर्माण किया जाएगा। इसकी घोषणा सरकार कर चुकी है। जीएमसी परिसर में बनने वाले हॉस्टल का काम भी शुरू हो गया है यहां पर अभी शुरुआती दौर के काम किए जा रहे हैं। वहीं दूसरे हॉस्टल का निर्माण ईदगाह हिल्स में किया जाएगा।।

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जीएमसी में कुल 1500 के करीब  मेडिकल स्टूडेंट
एमबीबीएस के चार बैच के 1000 विद्यार्थी जीएमसी में पढ़ाई करते हैं। वहीं पीजी के तीन बैच के 500 के करीब मेडिकल स्टूडेंट पढ़ाई करते हैं। ऐसे में करीब डेढ़ हजार के करीब स्टूडेंट हैं और हॉस्टल की संख्या काफी कम है। इस वजह से सभी को हॉस्टल की सुविधा नहीं मिल पाती है। ऐसे में मेडिकल विद्यार्थियों को किराए पर बाहर रहना पड़ रहा है। 
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हॉस्टल में छात्रों की मुख्य समस्याएं

1-साफ-सफाई का अभाव है। कमरे, शौचालय और बाथरूम में गंदगी रहती है।
2- शुद्ध पेयजल को लेकर संशय रहता है। नियमित सप्लाई पर भरोसा नहीं है।
3- दीवारों पर काई जम गई है, दीवारें दरक रही हैं, लीकेज बना हुआ है, फर्नीचर खराब है।
4- लगभग 30 वर्ष से ज्यादा पुराने छात्रावास का ढांचा जर्जर हो रहा है।
5-  बिजली की खराब वायरिंग से हादसे का खतरा बना रहता है।
6- मच्छर और गंदगी से डेंगू और मलेरिया जैसा खतरा रहता है।
7- छात्रावास परिसर में सुरक्षा की कमी है, बाहरी आवाजाही पर सख्ती से रोकटोक नहीं है।


काफी समय से हो रही परेशानी
जुडा अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता ने बताया कि छात्रावास की समस्याएं काफी समय से बनी हुई है। हमने कई बार तासन प्रशासन को अवगत कराया है। गांधी मेडिकल कॉलेज का छात्रावास रहने लायक नहीं है। नए छात्रावास के निर्माण को गति मिलना चाहिए ताकि हम छात्रों को बेहतर माहौल मिले।

 
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