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भोपाल: स्कूल-कॉलेज की कैंटीन और हॉस्टल मेस पर खाद्य विभाग की नजर, खाने में छिपकली मिलने के बाद बनाई जांच टीम

Fri, 30 Oct 2026 04:31 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

 हॉस्टल के भोजन में कीड़े और छिपकली मिलने की घटनाओं के बाद भोपाल में स्कूल-कॉलेज की कैंटीन और छात्रावासों की मेस की जांच होगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की दो टीमें भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, भंडारण और चूहों-कीटों से बचाव के इंतजाम जांचेंगी।
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विरोध में छात्राओं द्वारा पूर्व में किया गया पदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल के स्कूल-कॉलेज और हॉस्टल की कैंटीन व मेस में विद्यार्थियों को कैसा खाना परोसा जा रहा है, अब इसकी जांच खाद्य सुरक्षा विभाग करेगा। हाल ही में हॉस्टल के भोजन में कीड़े और सब्जी में मरी हुई छिपकली मिलने की घटनाओं के बाद प्रशासन ने जांच अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। इसके लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की दो टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें स्कूल, कॉलेज और छात्रावासों में संचालित कैंटीन, मेस और भोजनालयों का निरीक्षण करेंगी।
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छात्रावास में परोसे गए खाने में मिले थे कीड़े 
दरअसल अक्टूबर में पंचशील नगर स्थित अनुसूचित जाति कन्या महाविद्यालय के छात्रावास में परोसे गए खाने में कीड़े मिलने का मामला सामने आया था। इसके बाद छात्राओं ने विरोध जताया था। वहीं, मुगालिया छाप स्थित श्रमोदय आवासीय विद्यालय के बालक छात्रावास में आलू की सब्जी में मरी हुई छिपकली मिली थी। दूषित भोजन खाने से करीब 13 विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। भोजन की गुणवत्ता और दूसरी अव्यवस्थाओं को लेकर विद्यार्थी पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं। लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद अब प्रशासन ने कैंटीन और मेस की व्यवस्था की जांच कराने का निर्णय लिया है।

कलेक्टर की बैठक के बाद बनीं दो टीमें
इन घटनाओं के बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने खाद्य सुरक्षा की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक बुलाई थी। इसमें स्कूलों, कॉलेजों और छात्रावासों में संचालित मेस-कैंटीन और भोजनालयों की जांच के निर्देश दिए गए थे। इसके पालन में खाद्य सुरक्षा विभाग ने दो निरीक्षण टीमें गठित की हैं। पहली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी तवंशी, वर्षा व्यास और अर्चना प्रमाकर शामिल हैं। दूसरी टीम में जगदीश विश्वकर्मा, साधना सक्सेना और पूजा शाक्य को जिम्मेदारी दी गई है।
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खाने की गुणवत्ता के साथ चूहों और कीटों पर भी नजर
जांच के दौरान केवल तैयार भोजन की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि रसोई और खाद्य सामग्री के रखरखाव की व्यवस्था भी देखी जाएगी। अधिकारियों को यह जांचने के निर्देश हैं कि खाद्य सामग्री और तैयार भोजन को चूहों, कीटों तथा अन्य संभावित प्रदूषण से बचाने के पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं। विद्यार्थियों को परोसे जा रहे भोजन की ताजगी, गुणवत्ता और सुरक्षित वितरण व्यवस्था का भी निरीक्षण होगा। खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाएंगे।

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खामियां मिलने पर होगी वैधानिक कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान यदि भोजन की गुणवत्ता, भंडारण, साफ-सफाई या खाद्य सुरक्षा से जुड़ी गड़बड़ियां मिलती हैं तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और उसके तहत बनाए गए नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
 
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