ध्रुपद संगीत की दुनिया में रमाकांत गुंदेचा एक बड़ा नाम थे। उनके भाई उमाकांत भी काफी मशहूर हैं। वहीं, अखिलेश वाद्य यंत्र बजाने में माहिर हैं। साल 2012 में रमाकांत और उमाकांत को संगीत में उनके योगदान के लिए पद्मश्री से नवाजा जा चुका है।
गुंदेचा भाइयों ने मिलकर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बाहरी इलाके में ध्रुपद संस्थान की नींव रखी, जिसमें देश-विदेश से कई छात्र संगीत की शिक्षा लेते हैं। इस संस्थान का दावा है कि उसे यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत समिति से मान्यता प्राप्त है, लेकिन यूनेस्को का कहना है कि उसका इस विद्यालय से कोई संबंध नहीं है और वह इस तरह के दावों को वापस लेने की मांग करते हुए नोटिस भेजेगा।
इन तीनों भाइयों पर अलग-अलग महिलाओं द्वारा छेड़खानी और यौन शोषण से लेकर कक्षा में छेड़छाड़ करने तक के आरोप लगाए गए हैं। रमाकांत पर बलात्कार तक का आरोप है। ध्रुपद में संगीत की शिक्षा ले चुकी एक महिला ने बताया कि रमाकांत उन्हें अनुचित वॉट्सएप मैसेज भेजते थे। उन्होंने रमाकांत पर शोषण किए जाने के अलावा बलात्कार का भी आरोप लगाया।
इसी विद्यालय की एक अन्य छात्रा ने एक समाचार वेबसाइट को बताया कि अखिलेश गुंदेचा ने उनका शोषण किया। समाचार वेबसाइट को ऐसी ही पांच महिलाओं ने बताया कि ध्रुपद संस्थान में गुंदेचा भाइयों ने उनका शोषण किया। इन महिलाओं के अलावा अमेरिका के सिएटल शहर में रह रही एक प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका ने भी रमाकांत द्वारा उनका शोषण किए जाने की बात कही।
इधर, इन आरोपों को अखिलेश और रमाकांत गुंदेचा के वकील ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि निहित स्वार्थ के कारण गुंदेचा भाईयों और ध्रुपद संस्थान की कला और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।