इंजीनियर बेटा शरीफ उर रहमान अमेरिका के सेंट लुईस से जुलाई में अपने घर भोपाल आने वाला था। मध्यप्रदेश के भोपाल में रहने वाली बूढ़ी मां रुखसाना उसका निकाह कराने की तैयारी में थी। अपने घर में किसे बहू बनाकर लाना यह सोच भी लिया था, बस बेटे से पूछकर बात आगे बढ़ानी थी। तभी बेटे की हत्या की खबर मिली, एक पल में मां के सारे सपने छिन गए। जिस बेटे के निकाह कराने की तैयारी में थी, बेबस मां ने उसी जवान बेटे को 13 हजार किमी दूर भोपाल में बैठकर सुपुर्दे खाक होते ऑनलाइन देखा।
अमेरिका के सेंट लुईस में चार दिन पहले भोपाल के इंजीनियर शरीफ उर रहमान खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहां एक संस्था और शरीफ के दोस्तों ने मिलकर रविवार तड़के 4 बजे उसे सेंट लुईस के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया। कोरोना संकट के चलते मजबूर मां और परिवार के अन्य सदस्य सेंट लुईस नहीं जा सके। सभी ने करीब 13 हजार किमी दूर भोपाल में बैठकर ऑनलाइन जवान बेटे को सुपुर्दे खाक होते देखा। इस दौरान, मां रुखसाना खान बार-बार अपने कलेजे के टुकड़े से मिलने की आस लेकर बिलखती रहीं। परिवार उन्हें संभालता रहा। शरीफ के बड़े भाई मुजीब ने बताया कि बहन शबाना खान भी ऑनलाइन जुड़ गई थी। वह इन दिनों अपने शौहर के साथ साउथ अफ्रीका में हैं।