प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुटबाजी को लेकर दिए बयान पर सियासी जंग छिड़ गई है। दरअसल उन्होंने कांग्रेस पार्टी गुटबाजी को कैंसर बीमारी की तरह बताया है। जिस पर प्रदेश के खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने तंज कसते हुए कहा है कि अखिरकार दिल की बात जुबां पर आ गई है। जबिक कांग्रेस वरिष्ठ नेता राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा है पार्टी में कोई गुठबाजी नहीं है। यह पटवारी का अपना विचार है।
मै तो पहले से ही कह रहा हूं की कांग्रेस गुटों में बंटी
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि दिल की बाद जुबां पर आ ही जाती है और हकीकत बयां हो ही जाती है। मै तो पहले ही कहते आया हूं कि कांग्रेस गुट और गिरोह में बंटी हुई है। अब कांग्रेस के अध्यक्ष ने भी कह दिया उन्होने तो यहां तक कह दिया कि कांग्रेस में गुटबाजी का कैंसर हो गया है। बोला कहां गया जहां नेतप्रतिपक्ष उमंग सिंघार थे तो क्या उनके कारण यह गुटबाजी हो रही है। उन्होने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह समाप्त हो गई है।
यह था पटवारी का बयान
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मनावर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि अब गुटबाजी छोड़कर कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए आगे बढ़ना होगा। कांग्रेस में गुटबाजी कैंसर की तरह हो गई है इसे समाप्त करना होगा। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर तक कांग्रेस के संगठन को मजबूत करना पड़ेगा। इसमें ग्राम पंचायत स्तर तक कांग्रेस कमेटी का गठन होना चाहिए। इस दौरान नेत प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कई बडे़ नेता मौजूद थे। जीतू पटवारी ने कहा कि आने वाले 4 साल तक अगर कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता बिना छुट्टी लिए संगठन का काम करते हैं तो एमपी में आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता है।
कोई छोटा-मोटा इश्यू होता होगा तो वह शार्ट आउट होगा
विवेक तन्खा ने कहा कि मुझे किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं नजर आती है। मेरी सबसे बात होती है, मुझे कोई समस्या नजर नहीं आती है। कोई छोटा-मोटा इश्यू होता होगा तो वह शार्ट आउट होगा। विवेक तन्खा ने कहा कि इस वक्त देश में सबसे बड़ी चुनौती कैसे हो संविधान की रक्षा है। महू में होने वाले कांग्रेस के संविधान सम्मेलन को लेकर कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने देश के हालात बदलने का दावा किया। दिल्ली चुनाव को लेकर कहा कि चुनाव मनोरंजक होता जा रहा है। पहली बार त्रिकोणीय संघर्ष हो रहा है। बीजेपी आक्रामक होकर आम आदमी पार्टी के पीछे पड़ी है। दिल्ली के चुनाव में कांग्रेस ने नए अस्तित्व को स्थापित किया है। खुद को सनातनी बताते हुए कई संतों की ओर से उन्हें आमंत्रण मिलने की बात कही है। कहा-परिवार सहित महाकुंभ में जाएंगे।