मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस ने नीट पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस ने आक्रामक तेवर दिखाए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस विधायक दिल्ली में राहुल गांधी और छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान विधायकों ने धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो कि तख्तियां लेकर जम कर नारेबाजी की।
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छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने कहा कि दिल्ली में अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। कांग्रेस ने सदन में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की, लेकिन भाजपा सरकार जवाब देने से बचती रही। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक, भर्ती घोटाले, बेरोजगारी और छात्रों पर अत्याचार ही भाजपा सरकार की युवा नीति बन गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज नीट पेपर लीक मामले पर स्थगन प्रस्ताव लाकर सदन में चर्चा की मांग करेगी।
बजट पर सवाल, बोले- सरकार को जगाएंगे
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार के बजट और अनुपूरक बजट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर साल बड़े-बड़े बजट पेश किए जाते हैं, लेकिन आम जनता को उससे कोई राहत या फायदा नहीं मिलता। सिंघार ने कहा कि जब राहुल गांधी के धरने के बाद केंद्र सरकार लोकसभा में नीट मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हो गई, तो मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा से क्यों भाग रही है। उन्होंने दावा किया कि नीट पेपर लीक से प्रदेश के हजारों छात्र प्रभावित हुए हैं और दो छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवेदनशीलता दिखाने के बजाय छात्रों को कीड़े-मकोड़े कह रही है। सिंघार ने कहा कि सरकार को जगाने का काम हम करेंगे।