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Bhopal: फैकल्टी के अभाव में बीयू में नहीं शुरू हो पा रहा बी-एड, NCTE ने पिछले 3 सत्रों से लगा रखा है प्रतिबंध

Sun, 04 May 2025 01:43 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में फैकल्टी के अभाव में कई कोर्स सुचारू रूप से नहीं चल पा रहे हैं। बीएड पिछले चार वर्षो से बंद पड़ा है। राष्ट्रीय शिक्षक परिषद (एनसीटीई) ने पिछले तीन सत्रों से b.Ed कोर्स के प्रवेश में प्रतिबंध लगा दिया। 
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बरकतउल्ला विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में फैकल्टी के अभाव में कई कोर्स सुचारू रूप से नहीं चल पा रहे हैं। इस समय सबसे ज्यादा चलने वाला कोर्स बीएड पिछले चार वर्षो से बंद पड़ा है। दरअसल राष्ट्रीय शिक्षक परिषद (एनसीटीई) ने पिछले तीन सत्रों से b.Ed कोर्स के प्रवेश में प्रतिबंध लगा दिया।  इसका मुख्य कारण विश्वविद्यालय मैं के इस विभाग में फैकल्टी नहीं होना माना जा रहा है। विश्वविद्यालय में शैक्षणिक ढांचे को अब तक पूरा नहीं कर सका है। 
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4 साल में भी नहीं हो सकी शिक्षकों की भर्ती 
 बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में पिछले 4 साल से शिक्षकों  की भर्ती नहीं कर सका है। जानकारी के लिए बतादें कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के बीएड कोर्स की हर साल 100 सीटें भर जाती थीं, लेकिन चार सत्रों से एनसीटीई ने इस पर रोक लगा रखी है। एनसीटीई ने विश्वविद्यालय को समय दिया था ताकि वह अपने संसाधनों को दुरुस्त कर सके, लेकिन बीयू इस दौरान एक भी फैकल्टी मेंबर की नियुक्ति नहीं कर सका। विश्वविद्यालय ने हर साल आश्वासन पत्र भेजे और शपथ पत्र पर प्रवेश की अनुमति मांगी, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ। वर्तमान में बीएड डिपार्टमेंट में एक भी स्थाई शिक्षक मौजूद नहीं है, जिससे एनसीटीई की नाराजगी और बढ़ गई है। 

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बीए-बीएड और बीएससी-बीएड कोर्स शुरू करने की तैयारी
जानकारी के अनुसार अब बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय बीए बीएड और बीएससी बीएड कोर्स शुरू करने की तैयारी शुरू की है, जिसके लिए अनुमति के लिए एनसीटीई को पत्र भेजा गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जब बीएड के लिए ही फैकल्टी नहीं है, तो इन नए कोर्सों को अनुमति मिलना भी कठिन होगा। इधर बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में प्रथम वर्ष के छात्रों को प्रवेश देने की तैयारी शुरू कर दी है।
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70 से अधिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की तैयारी शुरू 
इधर बीयू ने सत्र 2025-26 में यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट्स (यूटीडी) में संचालित 70 से अधिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार बीयू से बीएएलएलबी और बीएससीें एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम के लिए सीयूईटी (कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) देना अनिवार्य होगा। वहीं यूटीडी में संचालित अधिकतर पाठ्यक्रमों में सीयूईटी और नाॅन सीयूईटी (ऐसे छात्र जो सीयूईटी-यूजी व पीजी में शामिल नहीं होंगे) दोनों तरह के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इस बार 75 फीसद सीट पर नान सीयूईटी और 25 फीसद सीयूईटी के लिए आरक्षित होंगी।

 
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