मध्य प्रदेश सरकार ने जी-हब पहल के तहत शहरी क्षेत्रों को आर्थिक ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने का फैसला किया है। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक संचालन समिति और जी-हब क्रियान्वयन इकाई समिति गठित की गई है। इस पहल का उद्देश्य भोपाल आर्थिक क्षेत्र (भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर) और इंदौर आर्थिक क्षेत्र (इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, खरगोन, रतलाम, शाजापुर, खंडवा) को आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना है। नीति आयोग के सहयोग से इन क्षेत्रों के लिए आर्थिक विकास की रणनीति और रोडमैप तैयार किया जाएगा।
नीति आयोग व अन्य विभागों के साथ समन्वय करेगी
संचालन समिति में नगरीय विकास, वित्त, औद्योगिक नीति, पर्यावरण, वन, ऊर्जा जैसे विभागों के प्रमुख सचिव शामिल होंगे, जबकि मध्य प्रदेश राज्य नीति आयोग के सीईओ को सदस्य-सचिव बनाया गया है। यह समिति जी-हब पहल की दिशा तय करेगी, नीति आयोग व अन्य विभागों के साथ समन्वय करेगी, प्रगति की समीक्षा करेगी और अन्य राज्यों व अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने का मार्गदर्शन देगी।
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जी-हब क्रियान्वयन समितियां बनाई गई
भोपाल और इंदौर आर्थिक क्षेत्रों के लिए अलग-अलग जी-हब क्रियान्वयन समितियां बनाई गई हैं, जिनके अध्यक्ष आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास होंगे। इनमें संबंधित जिलों के कलेक्टर, आयुक्त और नगरपालिका अधिकारी शामिल होंगे। ये समितियां बेसलाइन डेटा एकत्र करेंगी, आर्थिक प्रोफाइल तैयार करेंगी, और निवेश, उद्योग, अवसंरचना, कृषि, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में प्राथमिकताएं तय करेंगी। साथ ही, पीएम गति शक्ति जैसी योजनाओं के साथ समन्वय कर परियोजनाओं का प्रारूप तैयार किया जाएगा।
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आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद
यह पहल स्थानीय स्तर पर परियोजनाओं की प्राथमिकता तय करने, प्रगति की निगरानी करने और सुधारात्मक कदम सुझाने में मदद करेगी। इसके अलावा, अन्य राज्यों और अंतरराष्ट्रीय बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन कर क्षेत्रीय योजनाओं में शामिल किया जाएगा। इस पहल से मध्य प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।