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Bhopal:एम्स में 3 करोड़ से बनेगा हरित परिसर, CSR ग्रीन कैंपस बनाने के लिए देगा फंड, सौर ऊर्जा का होगा उत्पादन

Fri, 25 Oct 2024 10:14 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

राजधानी भोपाल स्थित एम्स को हरा भरा कैंपस में परिवर्तित किया जाएगा। इसके लिए 3 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। यह राशि एसबीआई कार्ड सीएसआर (कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) द्वारा एम्स को दी जाएगी। संस्थान में सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा।


 
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एम्स भोपाल कैंपस में की हरियाली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल स्थित एम्स कैंपस को हरा भरा और पर्यावरण अनुकूल बनाने तथा कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। एम्स के प्रयासों के कारण एसबीआई कार्ड ने सीएसआर (कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) ने संस्थान को ग्रीन कैंपस बनाने के लिए 3 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की है, जिससे संस्थान में सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा। जानकारी के लिए बतादें कि वर्तमान में एम्स भोपाल 700 किलोवाट सौर ऊर्जा का उत्पादन कर रहा है, जो संस्थान की कुल ऊर्जा आवश्यकता का 15 प्रतिशत है। एम्स के अधिकारियों का कहना है कि 100% सौर ऊर्जा उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है। 
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सौर ऊर्जा स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा का सबसे अच्छा स्रोत
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक डॉ.अजय सिंह ने बताया कि सौर ऊर्जा स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा का सबसे अच्छा स्रोत है। ग्रीन कैंपस पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा बल्कि हमारी ऊर्जा जरूरतों को भी पूरा करने में भी सहायक होगा। ग्रीन कैंपस बनने से हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित कर सकते हैं। यह परियोजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है और हमें गर्व है कि हम पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहे हैं।


ग्रीन कैंपस से जाने क्या होगा फायदा 
विशेषज्ञों का कहना है कि एम्स में ग्रीन कैंपस की पहल सौर ऊर्जा के उपयोग से स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा समाधान प्रदान करेगा। इससे संस्थान न केवल ऊर्जा आवश्यकता की दृष्टि से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा, बल्कि यह पर्यावरणीय संतुलन को भी बनाए रखने में सहायक होगा। सौर ऊर्जा उत्पादन से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे जलवायु परिवर्तन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और एक स्थायी भविष्य की ओर बढ़ा जा सकेगा। एम्स भोपाल की यह ग्रीन कैंपस पहल न केवल ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में एक आदर्श प्रस्तुत करती है, बल्कि अन्य संस्थानों और समाज के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत है। स्वच्छ, हरित और सतत विकास की दिशा में यह प्रयास पर्यावरण और समाज को दीर्घकालिक लाभ प्रदान करेगा।
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