फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhopal: एम्स की डॉ. रुपिंदर कौर को मिला बायोमेडिकल रिसर्च लीडर ऑफ द ईयर अवॉर्ड, दुनिया के 100 लीडर्स में शामिल

Wed, 06 Aug 2025 06:30 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

एम्स के मेडिसिन विभाग की डॉ. रुपिंदर कौर कंवर को बायोमेडिकल रिसर्च लीडर ऑफ द ईयर सम्मान मिला है। यह सम्मान उन्हें फॉर्चुना ग्लोबल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स के तहत दिया गया है। साथ ही डॉ. कंवर का नाम दुनिया के सबसे प्रभावशाली 100 लीडर्स की सूची फॉर्चुना ग्लोबल 100 द पावर लिस्ट 2025 में भी आया है।
विज्ञापन
फॉर्चुना ग्लोबल 100 द पावर लिस्ट - फोटो : एम्स भोपाल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी भोपाल स्थित एम्स जहां मरीजों के इलाज में लगातार विस्तार कर रहा है, वहीं यहां के चिकित्सकों को अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिल रही है। एम्स के मेडिसिन विभाग की प्रमुख और रिसर्च की एसोसिएट डीन, डॉ. रुपिंदर कौर कंवर को बायोमेडिकल रिसर्च लीडर ऑफ द ईयर (इंडिया) सम्मान मिला है। यह सम्मान उन्हें फॉर्चुना ग्लोबल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स (इंडिया एडिशन) के तहत दिया गया है। इसके साथ ही डॉ. कंवर का नाम दुनिया के सबसे प्रभावशाली 100 लीडर्स की सूची फॉर्चुना ग्लोबल 100 द पावर लिस्ट 2025’ में भी आया है। जिसकी घोषणा न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में की गई। दरअसल यह सूची हेल्थकेयर और बायोमेडिकल इनोवेशन में दुनिया भर के टॉप 100 लीडर्स को सम्मानित करती है।
विज्ञापन

 

मेडिसिन को नई दिशा देने वाली पहली वैज्ञानिक
यह सम्मान डॉ. कंवर को उनकी दूरदर्शिता, वैल्यू-बेस्ड लीडरशिप और ट्रांसलेशनल मेडिसिन को आगे बढ़ाने के प्रयासों के लिए दिया गया। फॉर्चुना मैगजीन ने उन्हें भारत में ट्रांसलेशनल मेडिसिन को नई दिशा देने वाली पहली वैज्ञानिक बताया है।


यह भी पढ़ें-सीएम मोहन यादव कल देंगे 1.26 करोड़ से अधिक बहनों को रक्षाबंधन का शगुन
विज्ञापन
विज्ञापन



भारत को हेल्थकेयर इनोवेशन में वैश्विक लीडर बनाना लक्ष्य
इस उपलब्धि को लेकर डॉ. कंवर ने कहा है कि यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि एम्स भोपाल और भारतीय बायोमेडिकल रिसर्च समुदाय का है। हमारा लक्ष्य है कि हम भारत को हेल्थकेयर इनोवेशन में वैश्विक लीडर बनाएं। फॉर्चुना ग्लोबल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स को सबसे विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय सम्मान माना जाता है। इसका चयन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया और विशेषज्ञ जूरी द्वारा किया जाता है। टाइम्स स्क्वायर पर नाम आने से एम्स भोपाल की ग्लोबल पहचान और मजबूत हो गई है।

यह भी पढ़ें-MP में 2020 से 'लव जिहाद' के 283 केस, इस साल 6 महीनों में 3,742 महिलाएं बनीं दुष्कर्म की शिकार"

डॉ. कंवर यह है उपलब्धियां

1- अब तक 300 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित
2- 133 हाई-इंपैक्ट जर्नल आर्टिकल्स, 26 पुस्तक अध्याय
3- 22 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट, जो अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, सिंगापुर और न्यूजीलैंड में दर्ज
4- नैनोमेडिसिन, रिजनरेटिव मेडिसिन, ट्रांसलेशनल रिसर्च और ड्रग डिस्कवरी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता
5- 2024 में भारत का पहला एमएससी इन ट्रांसलेशनल मेडिसिन प्रोग्राम शुरू किया
6- ऐसे रिसर्च और डायग्नॉस्टिक प्लेटफॉर्म विकसित किए, जो स्थानीय स्वास्थ्य आवश्यकताओं को वैश्विक मानकों से जोड़ते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें