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Bhopal: स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के बजट में 8.78 प्रतिशत की वृद्धि,जिला अस्पताओं में 15 अप्रैल से शव वाहन

Thu, 20 Mar 2025 06:23 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

 Budget of health: इस वर्ष लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के बजट में 8.78 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। डिप्टी सीएम लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि 15 अप्रैल से सभी जिला अस्पतालों में शव वाहन की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
 
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मध्य प्रदेश विधान सभा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधानसभा बजट सत्र में विभागीय अनुदान मांग पर बोलते हुए डिप्टी सीएम लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, स्वास्थ्य मानकों में प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास के साथ-साथ, आधुनिक उपकरणों, चिकित्सकीय,सहायक चिकित्सकीय मैनपॉवर की उपलब्धता के लिए सुगठित प्रयास किए जा रहे हैं। इसी प्रयास को सशक्त करने के लिए इस वर्ष लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के बजट में लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि की गयी। उन्होने बताया कि 15 अप्रैल से सभी जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में शव वाहन की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
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राजस्व मद में 4.62 प्रतिशत, पूंजी मद में 34 प्रतिशत की वृद्धि
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कि लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधान में वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 8.78 प्रतिशत की कुल वृद्धि की गई है। इस वृद्धि में राजस्व मद में 4.62 प्रतिशत और पूंजी मद में 34 प्रतिशत की वृद्धि शामिल है, जिससे प्रदेश के आLमजनों को बेहतर और गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों के सशक्तीकरण के लिए उपकरण और अधोसंरचना विकास के साथ आईपीएचएस मानक के आधार पर वृहद स्तर पर चिकित्सकीय सहायक चिकित्सकीय मैनपॉवर की भर्ती की जा रही है। इनमें 3900 चिकित्सक, विशेषज्ञ, 4300 पैरामेडिकल स्टाफ सहित 16 हज़ार से अधिक सहायक स्टाफ की आउटसोर्स पर भर्ती की जा रही है। 

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एमपी का कैंसर केयर मॉडल पूरे देश में अपनाया गया
शुक्ल ने कहा कि कैंसर रोगियों के उपचार हेतु प्रदेश में 52 डे केयर सेंटर क्रियाशील हैं, जिनमें 42 कैंसर रोधी दवाएं उपलब्ध हैं। अप्रैल 2024 से आज तक 8,000 कीमोथेरेपी सत्र आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रदेश का मॉडल अपनाया गया और केन्द्रीय बजट में पूरे देश में लागू करने का प्रावधान किया गया।



सीएचसी को बनाये जायेगा फर्स्ट रेफरल यूनिट
उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य,उप स्वास्थ्य,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 500 करोड़ बजट प्रावधान किया गया है। वर्तमान वर्ष के बजट में 53.56 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि सीएचसी को सशक्त कर एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) बनाने के प्रयास जारी हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवायें सशक्त हों, साथ ही ज़िला अस्पताल में दबाव कम हो। सरकार द्वारा प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए निजी निवेश प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से नवीन निवेश संवर्धन योजना के अंतर्गत 35 से 40 प्रतिशत सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण संभव होगा।

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15 अप्रैल से शव वाहन सेवा होगी प्रारंभ
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में मरीजों को निःशुल्क दवाइयां मुहैया कराने और निःशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध कराने का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। शासकीय अस्पतालों में मरीजों को लगभग 1000 प्रकार की दवाइयां तथा लगभग 300 प्रकार की जांचें निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। इस संख्या को बढ़ाने के संबंध में सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 15 अप्रैल से शव वाहन सेवा प्रारंभ की जा रही है। ताकि मृत शरीर को सम्मान से गंतव्य तक भेजा जा सके। ज़िला चिकित्सालय में 2 तथा मेडिकल कॉलेज में 4 शव वाहन उपलब्ध रहेंगे। इसे आवश्यकतानुसार विस्तारित भी किया जायेगा।


मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 1500 करोड़ रुपये की स्वीकृति
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सीएम केयर योजना में सुपर स्पेशलिटी हृदय उपचार संबंधित सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के रूप में सतना, रीवा, और इंदौर चिकित्सा महाविद्यालयों के उन्नयन एवं निर्माण कार्य के लिए राशि 1500 करोड़ की स्वीकृति दी जा चुकी है तथा कुल 125 नवीन स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन एवं स्थापना हेतु 1155.82 करोड़ पूंजीगत मद से योजनाएँ प्रारंभ की जाएंग। शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में कुल 17 शासकीय,स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय क्रियाशील हैं। वर्ष 2025-26 में 2 नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों (श्योपुर, सिंगरौली) का संचालन प्रारम्भ किया जाएगा। इसके आगामी वर्ष 6 नवीन चिकित्सा महाविद्यालय प्रारम्भ किये जाएँगे। साथ ही पीपीपी मोड पर 12 नवीन चिकित्सा महाविद्यालय संचालित किया जाना प्रावधानित है। आगामी वर्षों में मध्यप्रदेश में 10 हज़ार एमबीबीएस और 5 हज़ार पीजी की नवीन सीट की वृद्धि की जायेगी।
 
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