भोपाल जिले में कार्बाइड गन, तोप और लैंप के इस्तेमाल, खरीद-बिक्री, भंडारण, प्रदर्शन और परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कैल्शियम कार्बाइड की बिक्री वैध कृषि और औद्योगिक गतिविधियों तक सीमित रहेगी। उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी।
तेज धमाके से लोगों की सुनने की क्षमता और आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचाने वाली कार्बाइड गन, तोप और लैंप के इस्तेमाल पर अब पूरे भोपाल जिले में रोक लगा दी गई है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने गुरुवार को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर इनके उपयोग के साथ खरीद-बिक्री, भंडारण, प्रदर्शन और परिवहन पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश के बाद शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में इन उपकरणों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इससे पहले भोपाल शहर में पुलिस कमिश्नर संजय कुमार भी प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर चुके हैं। अब कलेक्टर के आदेश से जिले के ग्रामीण इलाकों में भी प्रतिबंध लागू हो गया है।
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धमाके से फट सकता है कान का पर्दा, आंखों को भी खतरा
प्रशासन ने कार्बाइड गन और तोप के इस्तेमाल को मानव जीवन और शारीरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना है। इनके तेज धमाके से कान के पर्दे को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, आंखों की रोशनी जाने, चेहरे और शरीर पर जलन या गंभीर चोट लगने का खतरा भी रहता है। बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से भी इनका इस्तेमाल खतरनाक है। इसके अलावा, ऐसे उपकरणों से लोकशांति भंग होने की आशंका भी जताई गई है।
कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल भी होगा नियंत्रित
कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। इसके अनुसार कैल्शियम कार्बाइड की बिक्री केवल वैध कृषि और औद्योगिक गतिविधियों के लिए की जा सकेगी। अन्य उद्देश्यों से इसका उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
दुकानदारों को रखना होगा खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड
कैल्शियम कार्बाइड का कारोबार करने वाले दुकानदारों को इसकी खरीद और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस कदम का उद्देश्य खतरनाक उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगाकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।