भोपाल में शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर लगे वैध-अवैध होर्डिंग्स को लेकर नगर निगम में सवाल उठने जा रहा है। बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यति ने एमआईसी मेंबर के तौर पर निगम से पूछा है कि शहर में कितने होर्डिंग्स वैध हैं और कितने अवैध। शनिवार को होने वाली नगर निगम परिषद की बैठक में इस सवाल का जवाब दिया जाएगा। एमआईसी मेंबर जगदीश यादव जानकारी सदन के पटल पर रखेंगे। आईएसबीटी स्थित मीटिंग हॉल में होने वाली बैठक में कुल 13 सवालों पर चर्चा होगी, जबकि चार प्रमुख एजेंडे मंजूरी के लिए रखे जाएंगे। इस बार दो ऐसे प्रस्ताव भी दोबारा लाए जा रहे हैं, जिन्हें 19 अगस्त की बैठक में मंजूरी नहीं मिल सकी थी। एमआईसी ने दोनों प्रस्तावों की शर्तों में बदलाव किया है।
सर्विस ब्लॉक अब 20 साल तक देने की तैयारी
निगम के नए मुख्यालय के सर्विस ब्लॉक को देने की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव बैठक में महत्वपूर्ण रहेगा। पहले परिषद ने इसे केवल दो साल के लिए देने का निर्णय लिया था। अब इसे शुरुआती 10 साल के लिए देने और उसके बाद अगले 10 साल तक नवीनीकरण का विकल्प रखने का प्रस्ताव है। यानी शर्तों के मुताबिक इसकी अवधि अधिकतम 20 साल तक पहुंच सकती है।
सोन चिरैया हॉकर्स कॉर्नर पर सुरक्षा की नई शर्तें
गर्ल्स कॉलेज के पास स्थित सोन चिरैया हॉकर्स कॉर्नर को किराए पर देने का प्रस्ताव भी दोबारा सदन में आएगा। अगस्त में इस प्रस्ताव पर छात्राओं की सुरक्षा को लेकर आपत्ति उठी थी। इसके बाद एमआईसी ने नई शर्तें जोड़ी हैं। प्रस्ताव के मुताबिक, संबंधित एजेंसी को परिसर और आसपास सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू रखने होंगे। सुरक्षा के लिए गार्ड की तैनाती भी अनिवार्य होगी। हॉकर्स कॉर्नर को शुरुआती तीन साल के लिए किराए पर देने और इसके बाद अगले तीन साल के नवीनीकरण का प्रस्ताव रखा गया है।
यह भी पढ़ें-
आज कैसा रहेगा एमपी का मौसम?: पांच जिलों में आंधी का अलर्ट, अगले सप्ताह बारिश के आसार,पहली बार पारा 14 डिग्री
अमृत 2.0 के लिए 493.49 करोड़ का ऋण प्रस्ताव
नगर निगम परिषद की बैठक में अमृत 2.0 योजना के लिए 493.49 करोड़ रुपये का ऋण लेने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इस पर सदन में चर्चा के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी। पिछली परिषद बैठक में निगम कमिश्नर के अपनी कुर्सी पर मौजूद नहीं होने को लेकर परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने नाराजगी जताई थी। ऐसे में शनिवार की बैठक में एजेंडों के साथ सदन की कार्यवाही पर भी नजर रहेगी।