रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में रातीबड़ पुलिस ने घर से फरार हुए नौकर वरुण कुमार के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगी हुई हैं। पुलिस का दावा है कि उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
घटना के बाद से ही वरुण पर पर हत्या का शक जताया जा रहा था। घटनास्थल से पुलिस को परिस्थितिजन्य साक्ष्य मिलने के बाद उसके खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है। बता दें, भोपाल के सूरज नगर में 30 सितंबर की सुबह रिटायर्ड आईएसएस अधिकारी राकेश अग्रवाल अपने घर में मृत पाए गए। उनके गले पर धारदार हथियार से रेतने के निशान थे। पुलिस के मुताबिक, हत्या रात 12 से 2 बजे के बीच हुई। इसके बाद रात करीब 2.15 बजे नौकर वरुण सूरज नगर से भदभदा की ओर जाने वाली सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरे में जाता दिखाई दिया।
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लूट के एंगल से जांच जारी
फुटेज में वह पिट्ठू बैग लेकर जाता नजर आ रहा है। वरुण की तलाश में जोन-1 की पांच पुलिस टीमें और क्राइम ब्रांच की टीम जुटी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी तलाश कर रही है। उसकी आखिरी लोकेशन कुरवाई-बीना रोड पर मिलने की जानकारी सामने आई है। उसकी गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद हत्या की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, लूट और पुराने लेनदेन विवाद, दोनों एंगल पर जांच जारी है।
हेल्थ केयर एजेंसी से जुटाई जानकारी
भोपाल के विश्वकर्मा नगर, गणेश मंदिर के पास बागसेवनिया स्थित वर्मा होम हेल्थ केयर बुजुर्गों और मरीजों की देखरेख, घर पर चिकित्सीय सहायता, बच्चों की देखभाल के लिए सहायक और होम फिजियोथेरेपी जैसी सेवाएं उपलब्ध कराता है। इसी हेल्थ केयर ने आरोपी वरुण को हायर कर रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल के घर केयरटेकर के तौर पर उपलब्ध कराया था। हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस कंपनी के कार्यालय पहुंची और जिम्मेदारों से वरुण से संबंधित जरूरी दस्तावेज व जानकारी जुटाई। पुलिस अब इन दस्तावेजों के आधार पर वरुण के बैकग्राउंड, पूर्व नौकरी और पुलिस वेरिफिकेशन की स्थिति की जांच कर रही है।