राजधानी भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। भावी डॉक्टरों और पुलिस प्रशासन के बीच टकराव के बाद मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी तूल पकड़ चुका है। 14,337 रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग पर अड़े हमीदिया अस्पताल के इंटर्न डॉक्टरों पर पुलिस द्वारा वाटर कैनन चलाए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस कार्रवाई में कुछ डॉक्टरों के घायल होने की बात सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने घटना का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने डीसीपी जोन-2 विकास सहवाल को मामले की जांच सौंपी है और जल्द रिपोर्ट तलब की है। डीसीपी सहवाल ने वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर जांच शुरू कर दी है।
भाजपा नेताओं ने डॉक्टरों से की बातचीत
बैरिकेडिंग टूटने के बाद चलाया वाटर कैनन
लिखित आदेश मिलने तक जारी रहेगा प्रदर्शन
आंदोलित इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मुख्यमंत्री स्तर से 30 हजार रुपये स्टाइपेंड का लिखित और आधिकारिक आदेश जारी नहीं होता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। हड़ताल के कारण प्रशासन भी डॉक्टरों से बातचीत कर समाधान निकालने की तैयारी में है। भाजपा के दोनों डॉक्टर नेताओं की बातचीत को भी इसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।