कोरोना वायरस से निपटने के लिए डॉक्टर और वैज्ञानिक अपने स्तर पर दवा बनाने में जुटे हुए हैं। इसी बीच एक अच्छी खबर भोपाल से आई है। कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट बने भोपाल के एम्स ने कोरोना से बचाव के लिए इम्युनो मॉड्यूलेटर दवा ‘माइक्रोबैक्टीरियम-डब्ल्यू’ का क्लीनिकल ट्रायल करने जा रहा है।
एम्स भोपाल जल्द ही तैयार किए गए इम्युनो मॉड्यूलेटर दवा ‘माइक्रोबैक्टीरियम-डब्ल्यू’ का क्लीनिकल ट्रायल करेगा। यह दवा एक इंजेक्शन के रूप में हैं। क्लीनिकल ट्रायल कोरोना से संक्रमित गंभीर रूप से कमजोर मरीजों पर किया जाएगा, ताकि इस वैक्सीन के असर और सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया जा सके।
एम्स ने अधिकृत बयान जारी कर बताया है कि माइक्रोबैक्टीरियम-डब्ल्यू नाम के इम्युनो मॉड्यूलेटर इंजेक्शन का निर्माण अहमदाबाद (गुजरात) की दवा निर्माता कंपनी कैडिला फॉर्मास्युटिकल ने किया है। इस पर क्लीनिकल ट्रायल के अध्ययन को यूएसए और भारत की शीर्ष स्वास्थ्य शोध संस्थाओं एफडीए (यूएस-फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) और आईसीएमआर दोनों ने मंजूरी दी है।
इस रिसर्च अध्ययन के लिए तीन माह की मियाद तय की गई है। डॉ. सरमन सिंह के मुताबिक अगले एक सप्ताह के अंदर ट्रायल प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह ट्रायल 100 मरीजों पर होगा। इसके लिए जल्द ही वैधानिक प्रक्रिया के तहत कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों को एम्स में भर्ती किया जाएगा।