मध्य प्रदेश के 77 अधिकारियों को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में किया गया नियुक्त
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देश के 5 राज्यों गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखण्ड में होने वाले विधानसभा चुनावों में मध्य प्रदेश के 45 आई.ए.एस. अधिकारियों को सामान्य पर्यवेक्षक, 15 आई.पी.एस. अधिकारियों को पुलिस पर्यवेक्षक और 17 आई.आर.एस. अधिकारियों को व्यय पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है। शुक्रवार को स्वर्ण जयंती सभागार में सभी 77 अधिकारियों को चुनाव आयोग ने वर्चुअल तकनीक से प्रशिक्षण दिया। मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने सभी केन्द्रीय पर्यवेक्षकों का स्वागत कर शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कुमार कौल और उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी प्रमोद कुमार शुक्ला भी उपस्थित रहे।
पर्यवेक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि चुनाव के दौरान पर्यवेक्षक भारत निर्वाचन आयोग की आंख-कान होते हैं। चुनाव के पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षकों की समस्त मुद्दों पर तीखी नजर के साथ और सुरक्षित चुनाव कराने में अहम भूमिका होगी। चुनाव में आदर्श आचार संहिता में किसी भी चूक के लिए सतर्क रहना होगा। आयोग द्वारा जारी मौजूदा कोरोना महामारी के दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने के संबंध में जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई पर निगरानी होनी चाहिए। चुनाव में धन शक्ति या किसी भी प्रकार के प्रलोभन या प्रक्रिया के दुरुपयोग में पर्यवेक्षकों को अपने कौशल का प्रदर्शन करना चाहिए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने तीनों पर्यवेक्षकों (सामान्य, पुलिस एवं व्यय) को प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय में काम करने के निर्देश दिए।
चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि केन्द्रीय पर्यवेक्षक प्रणाली अब अच्छी तरह से स्थापित हो गई है और पर्यवेक्षक चुनाव कराने में अहम भूमिका निभाते हैं। पर्यवेक्षक आयोग के प्रतिनिधि हैं और उन्हें पूरी तरह जागरूक होना चाहिए तथा उन्हें सौंपे गए इस पवित्र और कठिन कर्तव्य से परिचित रहना चाहिए।
वहीं इस मौके पर चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पाण्डेय ने बताया कि कोविड-19 के बीच चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण है। केन्द्रीय पर्यवेक्षक यह सुनिश्चित करें कि मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर मुफ्त और मतदाता हितैषी उपाय उपलब्ध कराए गए हैं। यह भी बताया कि में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती में पर्यवेक्षकों को अहम भूमिका निभानी चाहिए। मौजूदा समय में वर्चुअल प्रचार पर कार्य किए जाने पर जोर दिया जावे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गलत सूचना और नफरत फैलाने वाले अभियान को कम करने की जरूरत बताई।
कार्यक्रम के आरंभ में कुल 64 अधिकारियों द्वारा रजिस्ट्रेशन किया गया। 3 आईएएस एवं 3 आईपीएस तथा 6 आईआरएस अधिकारियों द्वारा अन्य स्थलों से प्रशिक्षण प्राप्त किया गया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा सभी अधिकारियों को पर्यवेक्षक किट भी उपलब्ध कराई गई।