मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति को देखते हुए फिर से 10 दिन के लिए लॉकडाउन लगाने का फैसला किया गया है। इस 10 दिनी लॉकडाउन की शुरुआत शुक्रवार से हो गई। इन 10 दिनों के दौरान बैंक भी बंद रहेंगे वहीं, आपात सेवाओं को छूट दी जाएगी। राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसे लेकर गुरुवार को कहा था कि शहर में मेडिकल स्टोर, दूध की दुकानें और सरकारी राशन की दुकानें खुली रहेंगी।
वहीं, जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार को लॉकडाउन से संबंधित एक स्पष्टीकरण जारी किया गया। भोपाल के अपर जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी इस स्पष्टीकरण में कहा गया है कि इस दौरान बैंक एटीएम खुले रहेंगे। वहीं, बैंकों की सभी शाखाएं, प्रशासनिक कार्यालय और बैंकिंग किओस्क आदि सेवाएं बंद रहेंगी। एटीएम सेवा जारी रखने के लिए संबंधित शाखा, करेंसी चेस्ट वैन और आरबीआई का संबंधित विभाग को प्रतिबंधों से छूट रहेगी।
इस स्पष्टीकरण में साफ किया गया है कि बैंकिंग की इन सेवाओं में लगे कर्मचारियों को परिवहन के दौरान वैध बैंक पहचान पत्र अपने पास रखना अनिवार्य होगा। उन्हें अलग से पास की आवश्यकता नहीं होगी। इसके अलावा इसमें कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी से संबंधित गतिविधियां और आवागमन पर प्रतिबंध नहीं होगा। बता दें कि भोपाल में शुक्रवार रात आठ बजे से लॉकडाउन की शुरुआत हुई है जो 10 दिन तक चलेगा।
इससे पहले नरोत्तम मिश्रा ने बताया था कि राशन की दुकानों को निर्देश दिया गया है कि वह 23 और 24 तारीख को दो दिन में राशन वितरित कर दें। लॉकडाउन की अवधि के दौरान भोपाल आना और वहां से जाना दोनों पर प्रतिबंध रहेगा। इस 10 दिन के लॉकडाउन के दौरान यात्रा करने के लिए पहले की तरह ई-पास की व्यवस्था जारी की गई है। मिश्रा ने सभी से आग्रह किया था कि लोग 10 दिन का राशन लेकर रख लें।