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MP: भोजशाला विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती; कल हो सकती है सुनवाई

Thu, 21 May 2026 10:17 PM IST
Sabahat Husain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार

सार

अब्दुल समद के अनुसार हाई कोर्ट का हालिया फैसला एकतरफा महसूस हो रहा है, जिससे समुदाय में काफी मायूसी और निराशा का माहौल है। इसके खिलाफ तुरंत कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। 
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भोजशाला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर चल रहे विवाद में मुस्लिम पक्ष ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जानकारी के अनुसार, हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को चुनौती देते हुए काजी मोइनुद्दीन ने गुरुवार रात करीब 8:30 बजे सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की। बताया जा रहा है कि इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है।

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भोजशाला विवाद को लेकर पहले से ही प्रदेश की राजनीति और धार्मिक संगठनों में हलचल बनी हुई है। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि हाई कोर्ट के आदेश से उनके अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की गई है। वहीं, हिंदू पक्ष इस मामले में हाई कोर्ट के फैसले को उचित बता रहा है। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की संभावित सुनवाई पर टिकी हैं।

पढे़ं: भोजशाला को लेकर धार में सुरक्षा का अभेद घेरा: 2200 पुलिसकर्मी तैनात, तिरंगे के साथ निकला फ्लैग मार्च

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क्या बोले अब्दुल समद?
मुस्लिम पक्ष के प्रतिनिधि अब्दुल समद ने बताया कि उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद जल्द ही मामले को सुप्रीम कोर्ट में मेंशन करेंगे और हाई कोर्ट के आदेश पर शीघ्र स्टे लगाने की मांग करेंगे। उनका कहना है कि पक्ष के पास मजबूत कानूनी और ऐतिहासिक साक्ष्य मौजूद हैं।

अब्दुल समद के अनुसार, धार स्थित कमाल मौला मस्जिद में पिछले लगभग 700 वर्षों से लगातार जुमे की नमाज अदा की जाती रही है। इस परंपरा के बाधित होने से समाज में गहरा दुख और निराशा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समाज संविधान और कानून के दायरे में रहकर ही अपनी लड़ाई लड़ेगा।

उन्होंने समाज के युवाओं और बुजुर्गों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अफवाहों या बहकावे में न आए। शहर का माहौल खराब न हो, इसके लिए सभी लोग कानून-व्यवस्था का सम्मान करें और अपने-अपने मोहल्लों एवं स्थानीय मस्जिदों में शांतिपूर्वक इबादत करें। साथ ही, कमाल मौला मस्जिद के लिए दुआ करने की भी अपील की गई। अब्दुल समद ने कहा कि उन्हें भारत के संविधान और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है तथा वे कानूनी और शांतिपूर्ण तरीके से ही अपनी बात आगे रखेंगे।

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