मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल्य क्षेत्र झाबुआ के भिल युवाओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया है। युवाओं ने केंद्र सरकार से कश्मीर घाटी के पत्थरबाजों से निपटने के लिए पैलेट गन के बदले 'गोफन' का इस्तेमाल करने को कहा है।
जानकारी के मुताबिक गोफन आदिवासियों का पारंपरिक हथियार है। युवाओं ने इसके लिए पीएम मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि बेहतर गोफन चलाने वाले युवाओं की भर्ती कर एक पत्थरबाज बटालियन बनाने की भी मांग की।
इस मामले में झाबुआ के पुलिस अधीक्षक महेश जैन ने हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा कि बड़ी संख्या में आदिवासियों ने गोफन का इस्तेमाल किया है और दोनों घातक और सटीक थे।
बहरहाल, ये जनजाति अपने आदिवासी नेता तंतिया भिल के अधीन ब्रिटिशों के खिलाफ लड़ने के लिए जाने जाते थे और ये सब दावा करते हैं कि वे असहाय बलों की सहायता करके फिर से देश की सेवा करना चाहते हैं।