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भय्यूजी आत्महत्या मामले में नया मोड़, गोली मारने से पहले सेवादार के नाम कर दी थी पूरी संपत्ति

Wed, 13 Jun 2018 03:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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- फोटो : special arrangement
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आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज के कथित तौर पर गोली मारकर आत्महत्या मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस को शुरुआती जांच में एक और सुसाइड नोट बरामद हुआ है। बता दें कि भय्यूजी ने सुसाइड नोट के दोनों पेजों में न केवल अपने मन की स्थिति को दिखाया है, बल्कि उन्होंने परिवार के लिए भी चिंता दिखाई है। 

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इस दूसरे सुसाइड नोट में भय्यूजी ने अपनी सारी संपत्ति अपने सबसे करीबी रहे सेवादार विनायक के नाम की है। नोट में भय्यूजी ने लिखा है कि मेरी सारी आर्थिक शक्तियां, प्रॉपर्टीज, बैंक अकाउंट्स की सारी जिम्मेदारी मेरे मरने के बाद विनायक संभालेगा। मैं विनायक पर ट्रस्ट करता हूं। इसलिए उसे ये सारी जिम्मेदारी देकर जा रहा हूं और ये मैं बिना किसी दबाव के लिख रहा हूं। 

बता दें कि पहली नजर में देखने पर इस सुसाइड नोट और पुलिस को मिले पहले नोट में अंतर नजर आ रहा है। 

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भय्यूजी महाराज की खुदकुशी के वक्त सेवादार घर में था मौजूद

bhayyuji maharaj funeral - फोटो : special arrangement
विनायक पिछले 15 सालों से भय्यूजी महाराज की सेवा करता आया है। जब भय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मारी थी उस समय सेवादार विनायक भी घर में मौजूद था। बता दें कि इस सुसाइड नोट के अलावा पुलिस को भैय्यूजी की लाश के पास से रिवॉल्वर, मोबाइल, टैब, लैपटॉप, फोन सहित 7 गैजेट्स मिले थे। 
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पहले सुसाइड नोट में परेशान होकर जान देने की बात

bhayyuji mahara - फोटो : special arrangement
उल्लेखनीय है कि इससे पहले पुलिस को भय्यूजी की पॉकेट डायरी से डेढ़ पेज का एक और सुसाइड नोट मिला था, जो अंग्रेजी में है उसमें पारिवारिक कलह का जिक्र करते हुए उन्होंने खुद को बेहद तनाव मे होना बताया है। हालांकि उन्होंने खुद की सुसाइड के लिए किसी को दोषी नहीं बताया लेकिन शुरुआती जांच इस बात की ओर इशारा कर रही है कि 2015 में उनकी पहली पत्नी माधवी की मृत्यु हो जाने से वह अकेलापन महसुस कर रहे थे हालांकि उनकी माधवी से एक बेटी थी। भय्यूजी महाराज की दूसरी शादी के बाद बेटी ने उनसे दूरी बना ली थी वह पुणे से बहुत कम ही घर (इंदौर) आती थी। 
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