मध्यप्रेदश के इंदौर शहर में भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में 7 महीने के बाद पुलिस ने जांच पूरी कर ली है। इस मामले में भय्यू की पत्नी के खुलासे के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन तीनों में दो सेवादार विनायक दुधाले, शरद देशमुख हैं। वहीं गिरफ्तार लोगों में शामिल एक महिला भी है, जिसका नाम पलक पुरानिक है। पलक भय्यू की काफी करीबी मानी जाती रही है।
इन तीनों के खिलाफ षडयंत्र रचकर धमकाने का केस दर्ज किया गया है। भय्यू की पत्नी आयूषी ने बयान में कहा कि ये तीनों भय्यू महाराज को जाल में फंसाकर उनका शोषण कर रहे थे। षडयंत्र में उलझकर ही वे आत्महत्या करने को मजबूर हो गए। पलक को शुक्रवार को सीएसपी आजाद नगर पल्लवी शुक्ला ने थाने बुलाकर गिरफ्तार किया। इसके बाद तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। यहीं से इन्हें जेल भेजा गया।
डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने मामले पर अधिक जानकारी देते हुए बताया कि डॉक्टर ने भय्यू के लिए जोल प्रेस नामक दवा लिखी थी, विनायक उसका तीन गुना अधिक दे रहा था। जिससे भय्यू तीन दिनों तक नींद की हालत में रहते थे। इस दौरान भय्यू और पलक के कई अश्लील फोटो लिए गए और उन्हें (भय्यू) ब्लैकमेल किया जाने लगा, जिससे वे मानसिक रूप से बीमार हो गए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पलक ने भय्यू को ब्लैकमेल करने की साजिश दो साल पहले ही रच ली थी। भय्यू की आत्महत्या से पहले पलक और दोनों सेवादार उनपर दबाव बनाए हुए थे।
पलक की एंट्री भय्यू की पहली पत्नी माधवी की मौत के बाद केयर टेकर के तौर पर हुई थी। उसने भय्यू के अकेलेपन का फायदा उठाया और उनसे प्रेम संबंध बनाए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पलक भय्यू के बेडरूम में भी रहने लगी थी। तीनों ने हर महीने ढाई लाख रुपये देने का दबाव भी बनाया था।
पलक ने भय्यू का अश्लील वीडियो बना लिया था और इसके जरिए भी वह उन्हें ब्लैकमेल करती थी। इसी बीच भय्यू की शादी आयूषी के साथ 17 अप्रैल 2017 को हो गई। पलक ने भय्यू पर एक साल के भीतर शादी करने का दबाव बनाया और कहा कि अगर शादी नहीं की तो शनि (दाती) महाराज जैसा हाल कर देगी। बता दें 11 जून 2018 को भय्यू के मित्र दाती महाराज पर उनकी शिष्या ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। भय्यू पर दबाव बनाने के लिए विनायक और शरद ने पलक और उनके बीच हुई चैटिंग व बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर हासिल कर ली थी। तीनों ने भय्यू से करीब ढाई करोड़ रुपये ठग लिए थे।
बताया जा रहा है कि जिस दिन भय्यू की शादी आयूषी के साथ हुई, उसी दिन पलक ने खूब हंगामा किया था। उसने खुद के साथ भय्यू की शादी की तारीख तक तय कर दी थी। पलक के बारे में बताते हुए एएसपी प्रशांत चौबे ने कहा कि पलक को भय्यू से मनमीत अरोरा ने मिलवाया था। इसके बाद विनायक और शरद ने पलक को भय्यू के करीब भेजा और उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
जब भय्यू की शादी को गई तो पलक ने उन्हें एक साल का समय देकर खुद से 16 जून को शादी करने की तारीख तय की। पलक ने इस बारे में विनायक और शरद को भी मैसेज भेजे थे। इन मैसेज में उसने लिखा है कि उनका (पलक, विनायक और शरद) प्लान सफल होगा कि नहीं। इसके बाद पलक ने भय्यू को कई अश्लील मैसेज भी भेजे।
पुलिस ने कई पहलुओं की जांच के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि सेवादारों और एक संदेही युवती द्वारा ब्लैकमेल किए जाने के बाद भय्यू ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। पुलिस को भय्यू के फोन से भी युवती द्वारा किए गए अश्लील मैसेज मिले हैं, जिससे साफ पता चल रहा है कि वह सेवादारों के साथ मिलकर भय्यू को ब्लैकमेल कर रही है।
इस मामले की जांच पूरी करने के बाद आईपीएस अधिकारी रहे अगम जैन सीएसपी ने रिपोर्ट आला अधिकारियों को सौंप दी है। इसके साथ ही भय्यू की पत्नी आयूषी और दोनों बहनें रेणु अक्का और मनु अक्का ने भी पुलिस को संदेही युवती और दोनों सेवादारों के खिलाफ कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। पुलिस को इस संबंध में कुछ अहम सबूत भी उपलब्ध करवाए गए थे।
पुलिस को दिए बयान में भय्यू की पत्नी आयूषी और दोनों बहनों ने बताया कि पलक ने घर की चाबियां भी हथिया ली थीं। विनायक आयूषी को भय्यू से मिलने तक नहीं देता था। जब पलक पर नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया तो उसने फरवरी 2017 में नौकरी छोड़ दी लेकिन तिजोरी की चाबियां अपने साथ ले गई।
पुलिस का कहना है कि उनहें मिले मोबाईल डाटा के अनुसार पलक खुद को आश्रम और बाहर वालों के सामने भय्यू की बेटी बताती थी लेकिन बाद में प्रेमिका के रूप में मोबाईल से संपर्क करती थी। पलक ने अपनी बहन की शादी में भी भय्यू से लाखों रुपये ऐंठ लिए। वह प्लेटिनम की लाखों की चेन, कई महंगे मोबाईल व ज्वेलरी भी हथिया चुकी थी। शादी के लिए भी भय्यू ने बेटी के लिए 12 हजार रुपये तो पलक के लिए 48 हजार रुपये का लहंगा खरीदा था। पलक अपने जीजा के लिए बिजनेस सेट कराना चाहती थी। कुछ अन्य सेवादारों शरद पंडित, मनमीत व अन्य की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि भय्यू की बैतूल में पड़ी 100 करोड़ की जमीन को लेकर भी कुछ सेवादारों द्वारा उन पर दबाव बनाया जा रहा था।