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किरनापुर कांड: FIR पर भड़कीं विधायक अनुभा मुंजारे, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल; उग्र आंदोलन की चेतावनी

Tue, 22 Sep 2026 02:10 PM IST
बालाघाट ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट

सार

बालाघाट के किरनापुर में प्रदर्शन और पथराव के बाद दर्ज FIR को लेकर विधायक अनुभा मुंजारे ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे समेत कुछ लोगों को कथित रूप से गलत तरीके से आरोपी बनाने का दावा किया। विधायक ने निष्पक्ष जांच और FIR वापस लेने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
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विधायक अनुभा मुंजारे ने पत्रकार वार्ता में रखी अपनी बात - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बालाघाट के किरनापुर में 15 सितंबर को हुए प्रदर्शन, पथराव और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर (FIR) को लेकर बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। सोमवार को बालाघाट के सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में विधायक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का दावा किया।

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विधायक अनुभा मुंजारे ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे को आरोपी बनाए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब किरनापुर में लाठीचार्ज की घटना हुई, तब कंकर मुंजारे वहां मौजूद नहीं थे। उन्हें इस घटना की जानकारी समाचार माध्यमों से मिली, जिसके बाद वे केवल स्थिति का जायजा लेने और मंच पर शामिल होने वहां पहुंचे थे। विधायक ने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति घटना के समय मौके पर था ही नहीं, उसे पुलिस ने किस आधार पर आरोपी बना दिया?

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इसके साथ ही उन्होंने पुलिस पर निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप लगाया। विधायक का दावा है कि 15 सितंबर को बालाघाट में कांग्रेस नेता जीतू पटवारी के कार्यक्रम में शामिल मरार समाज के कुछ लोगों को भी किरनापुर मामले की FIR में नामजद किया गया है, जबकि वे लोग उस दिन किरनापुर गए ही नहीं थे।
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पत्रकार वार्ता में विधायक ने पुलिस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने 18 जून की एक पुरानी घटना का हवाला देते हुए कहा कि उस समय पवार समाज के कुछ लोगों ने उनके और पूर्व सांसद कंकर मुंजारे के घर के बाहर अश्लील गालियां दी थीं और पुतला फूंका था, लेकिन पुलिस ने उस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। वहीं दूसरी तरफ, चर्चित चावल घोटाले को लेकर उन्होंने पूछा कि पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के भाई राजकुमार कावरे की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस अब तक खुलकर सामने क्यों नहीं आई है? विधायक मुंजारे ने पुलिस हिरासत में एक महिला के साथ हुई कथित बदसलूकी और मारपीट का मुद्दा भी पूरी गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा कि केवल शक के आधार पर किसी महिला के कपड़े उतारना और उसके साथ दुर्व्यवहार करना पूरी न्याय व्यवस्था को शर्मसार करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि थानों पर देशभक्ति-जनसेवा लिखना तब तक बेमानी है, जब तक निर्दोषों पर अत्याचार और महिलाओं के साथ ऐसा बर्ताव बंद नहीं होता। विधायक ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उग्र आंदोलन किया जाएगा। अगर निर्दोष लोगों पर की गई FIR वापस नहीं ली गई तो जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस शासन की होगी। 

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