मध्य प्रदेश के बालाघाट में करंट लगाकर बाघ का शिकार किया गया है। बाद में उसका शव रेत में दफना दिया गया। वन विभाग ने बाघ का शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार किया। पुलिस ने इस सिलसिले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
वन विभाग के एसडीओ अमित पाटोदी ने बताया कि दक्षिण वन मंडल के अंतर्गत राजस्व ग्राम हट्टा में नाले के किनारे रेत में बाघ का शव रेत में दबा होने की सूचना रविवार को मिली थी। वन विभाग ने तत्काल कार्यवाही की और वन अपराध पंजीबद्ध किया। सोमवार को बाघ का पोस्टमॉर्टम कराया गया और फिर अंतिम संस्कार। विसरा के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
10-12 साल का था बाघ
वन विभाग के मुताबिक नर बाघ की उम्र करीब 10 से 12 साल थी। उसके सभी अंग सुरक्षित मिले है। डॉक स्क्वाड की सहायता से घटनास्थल की छानबीन भी की गई। मिथुन परते, सुनील उइके, अंकेश मंडावी और तेजलाल मंडावी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। होली से एक हफ्ते पहले उन्होंने बिजली का करंट छोड़ा था ताकि छोटे जंगली जीव का शिकार किया जा सके। पर उस करंट की चपेट में बाघ आ गया। इसके बाद उन्होंने लाश को रेत में दफना दिया था।