असम के रहने वाले एक 35 वर्षीय युवक ने ताल में थाने के ठीक सामने ब्लेड से खुद का गला काटकर आत्महत्या कर ली। कारण स्पष्ट नहीं हुआ, लेकिन बताया जा रहा है कि वह अन्य साथियों के साथ ट्रेन से गुजरात काम करने जा रहा था। साथियों से बिछड़ने के बाद आलोट स्टेशन उतरा और बस से ताल पहुंच गया। जहां वह डरा सा लग रहा था। उसने वहां मौजूद लोगों से वापस असम जाने की बस का पूछा और अचानक ब्लेड से गला काट लिया। थाना पास में ही होने से पुलिस पहुंची, लेकिन उसने पुलिस के सामने ही गले में दो अंगुली डालकर चीर दिया। पुलिस ने हॉस्पिटल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
साथियों से हुआ था विवाद
इस हृदयविदारक घटना जिसने देखी वह दहल गया। ताल पुलिस के अनुसार जोसफ उर्फ जॉन पिता जगन (35) निवासी डिबरूगढ़ (असम) कुछ साथियों के साथ गुजरात के मोरवी में काम के लिए जा रहा था। ट्रेन में वह साथियों से बिछड़ गया अथवा कोई विवाद हुआ तो वह आलोट में उतरा। वहां उसने असम जाने के लिए बस का पूछा, लेकिन वहां से सीधे कोई बस नहीं थी, इसलिए किसी बस में बैठकर वह ताल पहुंच गया।
असम की बस के बारे में पूछा
यहां थाने के सामने उतरा और रोड की दूसरी तरफ खड़े होकर देखता रहा। फिर आसपास के कुछ लोगों से उसने पुनः असम की बस के बारे में पूछा। किसी व्यक्ति के फोन से उसने ट्रेन सवार साथियों को कॉल भी लगाया लेकिन क्या बात की, ये आसपास वाले समझ नहीं पाए। वह थाने के सामने रोड किनारे खड़े होकर बस का इंतजार कर रहा था। पास में ही सैलून था, जहां बाहर कुछ पुरानी ब्लेड पड़ी थी, उसमें से एक ब्लेड जोसफ उर्फ जॉन ने उठाई और अपने गले पर मार दी। ये देख लोग घबरा गए और तुरंत दौड़कर थाने में पहुंचे तथा घटना की जानकारी दी।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
जिसके बाद सब इंस्पेक्टर केके सिंह व कुछ पुलिसकर्मी गेट के पास खड़े थे तो वे तुरंत मौके पर पहुंच गए, लेकिन उनके आने से पहले ही युवक ने अपनी दो अंगुली उस ब्लेड से किए छेद में फंसाई और गला चीर दिया। पुलिस व एक व्यक्ति ने गमछे से गले का ब्लड बहने से रोका और तुरंत स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां कुछ ही देर में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने उसके पास से मिले डॉक्यूमेंट से नाम-पते की जानकारी ली। सब इंस्पेक्टर मोहम्मद अयूब खान ने बताया कि मर्ग कायम करके जांच शुरू की है। अभी आत्महत्या का कोई कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।
सनक में दे दी जान, साथियों ने मोबाइल बंद कर लिए
पुलिस के मुताबिक युवक डरा हुआ और सनकी टाइप लग रहा था। उसने किसी सनक में अपनी जान दी होगी। कारण पता करने और घरवालों की जानकारी के लिए पुलिस ने उसके साथियों से फोन पर संपर्क करना चाहा लेकिन एक-दो बार बात करने के बाद उन्होंने फोन बंद कर लिया। संभवतः वे भी घटना से दहल गए होंगे और कहीं उलझ नहीं जाएं, इस डर से फोन बंद कर लिया। हालांकि पुलिस ने जैसे-तैसे नाम-पता तलाश करके परिजन को सूचना दी है। एसआई केके सिंह व एसआई गोपाल बोराना टीम के साथ जावरा अन्नक्षेत्र पहुंचे और वहां से शव फ्रीजर लाकर ताल अस्पताल में ही शव सुरक्षित रखवाया है।