अशोकनगर के कद्दावर नेता स्वर्गीय देशराज सिंह यादव के बेटे अजय प्रताप यादव व उनकी मां तथा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बाई साहब यादव ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। वे 20 अक्तूबर को कांग्रेस की सदस्यता लेंगे। इस मौके पर वे अपने पिता की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे।
बता दें, बाई साहब यादव अभी जिला पंचायत सदस्य हैं, जबकि अजय यादव पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के उपाध्यक्ष हैं। उनके बड़े भाई यादवेंद्र सिंह यादव को कांग्रेस ने मुंगावली से विधायक पद का उम्मीदवार बनाया है। अजय यादव ने शिवराज सरकार पर अनदेखी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने उनके कार्यकर्ताओं के किसी भी प्रकार के कार्य नहीं किए जाने की बात भी कही।
वहीं, अशोकनगर की राजनीति में बड़े भाई कांग्रेस में महीनों पहले शामिल हो गए थे तो जिनको मुंगाबाली से कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रत्याशी बनाया गया है और उनकी प्रत्याशी बनने के दो दिन बाद ही राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त के द्वारा पार्टी छोड़कर अब कांग्रेस की सदस्यता लेने की बात सामने नजर आ रही है। उन्होंने शिवराज सरकार पर अनदेखी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, जिसमें उनके द्वारा उनके कार्यकर्ताओं की किसी भी प्रकार की कार्य नहीं किए जाने की बात कही गई है।
इसमें उन्होंने कहा है कि कोई व्यक्ति जब इस्तीफा देता तो उसकी कोई मजबूरी होती या कोई परेशानी होती मैं आपको बता देना चाहता हूं, जब से मैं राज्य मंत्री के पद पर बना हूं, तब से मैं किसी भी कार्य नही करा पाता था। कोई भी किसान की बिजली की समस्या को दूर नहीं कर परात कोई अधिकारी कर्मचारी मेरी बात को सुनाने तैयार नहीं सुनने के बाद पूर्ण बात करते नहीं थे। कहीं न कहीं मैं कुंठित था, कहीं न कहीं मेरे आत्मा में अंदर से दुख था, मैं अपने कार्यकर्ताओं की अपने क्षेत्र की जनता की सेवा नहीं कर पा रहा हूं या उनके कार्य नहीं कर पा रहा हूं।
इस कारण कहीं न कहीं मुझे भारतीय जनता पार्टी से देना पड़ा, जबकि मैं लंबे समय से अपने वरिष्ठ निरत को इस संदर्भ में बताता चलाया हूं। लेकिन हमेशा ऊपर वाली मुझे कहते रहते हम बात करेंगे देखेंगे। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई, इसमें मुझे लगता है कि भारतीय जनता पार्टी की जो पहले रीति-नीति थी, विचारधारा थी। जो पांच निष्ठा थी वह कहीं न कहीं कांग्रेस पार्टी के जो लोग यहां आए हैं, इस जिले में सब खत्म हो गई है। यह स्थिति मध्यप्रदेश में जब से भाजपा की सरकार आई है, जब से यह देखने को मिल रही है।