थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंची सरपंच
अनूपपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पसला के भवन में शुक्रवार को बिल पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने पर महिला आदिवासी सरपंच, उनके पति और एक पंच के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि मिट्टी फिलिंग से संबंधित बिल पर हस्ताक्षर का दबाव बनाने वाले युवकों ने विरोध करने पर तीनों के साथ मारपीट की। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने देर रात चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बिल पर हस्ताक्षर को लेकर विवाद
ग्राम पंचायत पसला की सरपंच संतरी सिंह गोंड़ ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की तैयारियों के सिलसिले में पंचायत भवन में अधिकारियों का दौरा था। अधिकारियों के जाने के बाद सरपंच और अन्य ग्रामीण स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान गांव के आकाश पटेल, नितिन पटेल, शुभम राठौर और रघुवर पटेल वहां पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने मिट्टी फिलिंग से संबंधित बिल पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। सरपंच ने बिल की जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए बैठक से लौटने के बाद हस्ताक्षर करने की बात कही। इसी बात पर विवाद बढ़ गया। शिकायत के अनुसार, युवकों ने गाली-गलौज करते हुए सरपंच के साथ मारपीट शुरू कर दी और उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा।
बीच-बचाव करने पहुंचे पति और पंच को भी पीटा
सरपंच के साथ मारपीट होते देख उनके पति रोहित सिंह, जो पूर्व सरपंच हैं, और पंच शंकरलाल राठौर बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने उनके साथ भी मारपीट की। घटना में सरपंच, उनके पति और पंच को शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आईं।
एसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता, देर रात दर्ज हुआ मामला
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत रखी। इसके बाद उन्हें कोतवाली और अजाक थाने भेजा गया। मेडिकल जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने सरपंच की शिकायत पर आकाश पटेल, नितिन पटेल, शुभम राठौर और रघुवर पटेल, सभी निवासी पसला, के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 115(2), 351(2), 3(5) तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है।