अमरकंटक के आश्रम को हटाया गया।
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पवित्र नगरी अमरकंटक के साधु संतों द्वारा गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर पहुंचकर रुद्र गंगा आश्रम को ढहाए जाने का विरोध किया। साथ ही यहां स्थापित मां नर्मदा की प्राचीन मूर्ति तथा मंदिर को खंडित किए जाने को लेकर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि ट्रेनी आईएफएस ऑफिसर वीरेंद्र कुमार पटेल के विरुद्ध सख्त एक्शन लिया जाए। साधु समाज ने ज्ञापन सौंपा है।
यह है मामला
सौंपे गए ज्ञापन में संत मंडल अमरकंटक द्वारा बताया गया कि हनुमान जयंती को रात्रिकालीन गश्त के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने लगभग 60 वर्ष से स्थित रुद्र गंगा आश्रम मंदिर तथा यहां स्थापित मां नर्मदा की प्राचीन मूर्ति को तोड़ दिया। बलपूर्वक वन भूमि क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई विभाग द्वारा की गई। संतों ने ट्रेनी आईएफएस ऑफिसर वीरेंद्र कुमार पटेल पर हिंदू विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप लगाया।
कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन करेंगे संत
कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम सौंप गए ज्ञापन में संत मंडल अमरकंटक ने चेतावनी दी है कि यदि पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित धार्मिक स्थल रूद्र गंगा में हिंदू विरोधी मानसिकता से खंडित करने वाले वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो अमरकंटक के संत इसके विरुद्ध लामबंद होकर जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इसके साथ ही अमरकंटक थाने में हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत करने को लेकर के आईएफएस ऑफिसर वीरेंद्र पटेल के विरुद्ध अपराध दर्ज करने की शिकायत भी दर्ज कराई गई है।