अनूपपुर जिले में सोमवार को जैतहरी क्षेत्र के वेंकटनगर तथा इससे लगे हुए कई गांव में तेज बारिश के साथ लगभग आधे घंटे तक हुई ओलावृष्टि के कारण फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही कच्चे घरों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। बे-मौसम बारिश के साथ मौसम बदलने के कारण जहां ठंडक और बढ़ गई तो दूसरी ओर दोपहर के बाद अचानक मौसम में बदलाव देखा गया। जहां दोपहर तक तेज धूप से गर्मी का एहसास हो रहा था, वहीं दोपहर के बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई।
वेंकटनगर और आसपास क्षेत्र में सोमवार दोपहर 1:30 के आसपास बारिश के साथ बड़े-बड़े ओले भी गिरे। वेंकटनगर संकुल अंतर्गत माध्यमिक विद्यालय बीड़ में ओले गिरने से से जमीन पर ओले की सफेद चादर नजर आने लगी। वहीं, जरियारी व खूंटा टोला में भी बड़े-बड़े पत्थर के साइज के ओले गिरे हैं। मार्च महीने में ये दूसरी बार बरसात हुई है।
फसलों को हुआ नुकसान
बारिश के साथ-साथ ओले गिरने की वजह से किसानों की फसलों को भी काफी नुकसान पंहुचा है। किसानों द्वारा लगाई गई गेहूं, मसूर, चना, अरहर तथा सब्जियों को पत्थर के साइज के ओले गिरने से काफी नुकसान हुआ है।
घरों व बिजली के खम्भों को भी नुकसान
दोपहर हुई तेज बारिश से घरों और बिजली के खम्भों को भी काफी नुकसान हुआ है। वेंकटनगर से 11 किमी दूर लपटा के पास बिजली के खम्भे में पेड़ गिरने से 11केवी लाइन को नुकसान हुआ है। साथ ही जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में तेज आंधी तूफान के कारण विद्युत लाइन में फाल्ट की वजह से देर रात तक बिजली गुल रही।
रविवार को पुष्पराजगढ़ में भी हुई थी तेज ओलावृष्टि
रविवार देर शाम पुष्पराजगढ़ विकासखंड में भी ओलावृष्टि के कारण किसानों के फसल तथा घरों को नुकसान पहुंचा था। तेज ओलावृष्टि के कारण कच्चे मकान के खपरैल टूट गए थे। दूसरी ओर किसानों के खेतों में लगे हुए गेहूं, चना, सरसों, जवा, मटर, सहित सब्जियां खेतों में टूट कर जमीन पर पड़ी है। करीब घंटे भर हुई ओलावृष्टि के कारण बसनीहा, धरहरकला, जिलंग और नांदपुर लखौरा में ओलावृष्टि हुई।
मौसम ने बदला करवट, तेज धूप के बाद हुई रिमझिम बारिश
उमरिया जिले में सोमवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ रिमझिम बारिश हुई। दोपहर से ही पूरी सड़के भीगी हुईं दिखाई दीं। इस बदलाव के साथ मौसम में ठंडक घुल गई है।
ये मौसम सिर्फ उमरिया जिले का ही नहीं है, आसपास जिलों में भी इसका असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। सभी जगह बादल आसमान में छाए हुए हैं। मौसम में एक बार फिर से ठंडक महसूस की जा रही है। कभी गर्मी कभी सर्दी रहने से लोग बीमार भी पड़ रहे हैं। हालांकि, अब धूप न खिलने की वजह से और आसमान में बादलों के डेरा जमने की वजह से किसानों के मन में चिंता साफ तौर पर झलकने लगी है।